
कानपुर। उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी खुलकर सामने आने लगे हैं। बिठूर विधानसभा से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि SI भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द का नकारात्मक और अनुचित संदर्भ में प्रयोग अशोभनीय और आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सवाल तैयार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधायक ने कहा कि इससे प्रश्नपत्र तैयार करने वाले और उसकी समीक्षा करने वालों की अज्ञानता या संभावित दुर्भावना भी झलकती है। उनका कहना है कि इस प्रकार के सवाल समाज में अनावश्यक दरार पैदा कर सकते हैं, जो किसी भी तरह से उचित नहीं है।
अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और जिन लोगों ने इस तरह का सवाल तैयार किया है, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और उम्मीद है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
दरअसल परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र का एक पेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें सामान्य हिंदी के सेक्शन का प्रश्न संख्या तीन था... "अवसर के लिए बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।" इसके विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी दिए गए थे। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पंडित शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। जिसके बाद तत्काल उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए इस पर आपत्ति जताई थी।
Updated on:
15 Mar 2026 11:44 am
Published on:
15 Mar 2026 11:44 am
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