
पनकी थाना क्षेत्र में एक युवक साइबर ठगों के झांसे में आ गया। मदद के बहाने आरोपितों ने युवक को 'खेती के पैसे' खाते में आने की बात कहकर फंसाया। भरोसे में आकर युवक ने अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने दिया। कुछ दिन बाद संदिग्ध लेन-देन के चलते बैंक ने खाता सीज कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से जांच कर रही है।
पनकी के अमन इन्क्लेव निवासी योगेश कुमार के मुताबिक, रतनपुर निवासी विशाल मिश्रा और उसका साथी राज सिंह कुछ दिन पहले उससे मिले थे। दोनों ने कहा कि उनका बैंक खाता नहीं है और खेती के कुछ पैसे आने वाले हैं। उन्होंने योगेश से अनुरोध किया कि वह अपने खाते में पैसे मंगवाकर उन्हें निकाल दे।इंसानियत के नाते योगेश मान गया। इसके बाद आरोपितों ने कई बार में उसके एसबीआई खाते में रकम ट्रांसफर कराई।
योगेश के पास एटीएम कार्ड नहीं था। इस पर आरोपितों ने उसे सुझाव दिया कि वह पैसे अपनी बहन के खाते में ट्रांसफर कर एटीएम से निकलवा ले। योगेश ने ऐसा ही किया। आरोप है कि इसके बाद विशाल और राज ने बहन का एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और खुद ही खाते से पूरी रकम निकाल ली। कुछ दिन बाद अचानक योगेश का बैंक खाता संदिग्ध ट्रांजैक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। बैंक से सूचना मिलते ही उसके होश उड़ गए। योगेश को आशंका है कि आरोपितों ने साइबर फ्रॉड या किसी अन्य अपराध से जुड़ा पैसा उसके खाते में डलवाया, जिससे वह खुद भी कानूनी शिकंजे में फंस गया।
पीड़ित ने पनकी थाने पहुंचकर पूरी घटना बताई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विशाल मिश्रा और राज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वही पूरे मामले को लेकर पनकी इंस्पेक्टर ने बताया, "मामले की जांच जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि खाते में आया पैसा कहां से आया और किस अपराध से जुड़ा है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
Updated on:
29 Apr 2026 05:39 pm
Published on:
29 Apr 2026 05:38 pm
