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Kanpur News:सस्ते केमिकल का लालच पड़ा भारी: कारोबारी से 18 लाख की साइबर ठगी, मुकदमा दर्ज

Kanpur Cyber Fraud:कानपुर में सस्ते केमिकल सप्लाई के नाम पर ठगों ने कारोबारी से 18.31 लाख रुपये ठग लिए। फर्जी इनवॉइस के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई गई, लेकिन माल नहीं पहुंचा। शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस जांच में जुटी है।

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सांकेतिक फोटो

कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां सस्ते दाम पर केमिकल सप्लाई का झांसा देकर ठगों ने एक कारोबारी से 18.31 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपियों ने फर्जी इनवॉइस और कंपनियों का सहारा लेकर विश्वास जीता और रकम ट्रांसफर करवा ली, लेकिन माल की डिलीवरी नहीं की। काफी समय तक टालमटोल करने के बाद जब सच सामने आया तो पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है।

कैसे फंसा जाल में कारोबारी?

लाजपत नगर निवासी विनीत कुमार माहेश्वरी का साबुन और डिटर्जेंट बनाने का कारोबार है। उनकी फर्म इंटरप्राइजेज को बड़ी मात्रा में एसिड स्लरी की जरूरत थी। इसी दौरान सोशल मीडिया और फोन के जरिए हरियाणा के पंचकूला की एक फर्म ने उनसे संपर्क किया।

आरोपियों ने खुद को बड़ा केमिकल सप्लायर बताया और बाजार रेट से काफी कम कीमत पर एसिड स्लरी देने का भरोसा दिलाया। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने 31 मार्च 2026 को दो फर्जी इनवॉइस भी भेज दिए। इन इनवॉइस में 11,000 किलोग्राम एसिड स्लरी की सप्लाई का जिक्र था।

पैसे लिए, माल नहीं भेजा

इनवॉइस देखने के बाद विनीत ने पहले 12.74 लाख रुपये देने की बात कही। लेकिन ठगों ने दबाव बनाकर उनसे कुल 18.31 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपियों ने केमिकल की डिलीवरी नहीं की। जब कारोबारी ने बार-बार फोन किया तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उन्होंने इंदौर की एक दूसरी फर्म के नाम से 10,710 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड भेजने की बात कही। इसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई। लेकिन न तो कोई बिल्टी दिखाई गई और न ही माल कानपुर पहुंचा।ठगी का एहसास होने पर विनीत ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।

पुलिस जांच में जुटी

थाना प्रभारी सतीश चंद्र के मुताबिक, मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है। शुरुआती जांच में यह संगठित साइबर गिरोह का काम लग रहा है। यह गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर और नकली इनवॉइस भेजकर व्यापारियों को निशाना बनाता है।