
चित्रकूट: गंगा की अविरलता निर्मलता को लेकर पिछले 110 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रो जीडी अग्रवाल(स्वामी सानंद) के समर्थन में अब धर्म नगरी चित्रकूट में भी युवाओं व समाजसेवियों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है. अनशनकारियों की मांग है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द स्वामी सानंद की मांगों को पूरा करे. सरकार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है इस वयोवृद्ध आमरण अनशन पर बैठे मशहूर पर्यावरणविद् की. गौरतलब है कि प्रो जीडी अग्रवाल(स्वामी सानंद महराज) पिछले 110 दिनों से हरिद्वार में आमरण अनशन पर हैं. गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने और उसकी अविरलता के लिए स्वामी सानंद वृद्धावस्था में भी जीवटता के साथ आंदोलनरत हैं लेकिन देश व् प्रदेश के हुक्मरानों को उनकी सुध लेने की सुध नहीं है.
क्रमिक अनशन शुरू
हरिद्वार में माँ गंगा के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रसिद्द वयोवृद्ध पर्यावरणविद् प्रो जीडी अग्रवाल(स्वामी सानंद महराज) के समर्थन में अब श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट में भी आवाज उठने लगी है. एक वयोवृद्ध आंदोलनकारी की दिनों दिन बिगड़ती हालत व हुक्मरानों की ओर से कोई पहल न होने को लेकर धर्म नगरी के युवाओं व समाजसेवियों ने क्रमिक अनशन शुरू करते हुए सरकार को आड़े हांथों लिया. समाजसेवी अभिमन्यु भाई ने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक ओर जहां सिर्फ बातें की जा रही हैं वहीं दूसरी ओर एक वयोवृद्ध समाजसेवी पर्यावरणविद् इतने दिनों से आमरण अनशन पर है परंतु किसी को उनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं. अनशनकारियों का कहना है कि ये क्रमिक अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक स्वामी सानंद से सरकार कोई सकारात्मक बातचीत नहीं करती. क्रमिक अनशन को आम लोगों का समर्थन भी मिल रहा है.
धर्म नगरी से गहरा नाता है प्रो जीडी अग्रवाल का
86 वर्षीय प्रसिद्द पर्यावरणविद् प्रो जीडी अग्रवाल(स्वामी सानंद) का धर्म नगरी से गहरा नाता है. प्रो जीडी अग्रवाल महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान के मानद प्राध्यापक रहे हैं. 2009 में उन्होंने भागीरथी नदी पर बांध निर्माण रुकवाने के लिए अनशन किया था जो सफल रहा. प्रो जीडी अग्रवाल आई आई टी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग और पर्यावरण विभाग में प्राध्यापक व् केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में प्रथम सचिव और राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के सलाहकार भी रह चुके हैं.