LPG Supply Issue: चित्तौड़गढ़ जिले में रसद विभाग भले ही दावा कर रहा है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई बुकिंग के बाद निर्धारित समय पर हो रही है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर समय पर नहीं मिलने की समस्या बरकरार है। एक युवक ने परेशान होकर गैस ऐजेंसी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी है।
LPG Supply Issue: चित्तौड़गढ़ जिले में रसद विभाग भले ही दावा कर रहा है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई बुकिंग के बाद निर्धारित समय पर हो रही है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर समय पर नहीं मिलने की समस्या बरकरार है। एक युवक ने परेशान होकर गैस ऐजेंसी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी है। आरोप है कि एजेंसी ने बुकिंग होने के बावजूद उपभोक्ता को सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया। अब रसद विभाग मामले की जांच में जुट गया है।
किला रोड़ निवासी देवराज जटिया ने कोतवाली थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि गत माह 15 फरवरी को उन्होंने गैस सिलेंडर की बुकिंग की थी। इसके बाद उसके मोबाइल पर मैसेज भी आ गया। बावजूद उसे गैस सिलेंडर सप्लाई नहीं किया। 10 मार्च को गांधीनगर सेक्टर 5 स्थित इंडेन गैस ऐजेंसी से संपर्क करने पर उसको बताया कि पुरानी बुकिंग निरस्त हो गई है। ई बुकिंग करवानी पड़ेगी। देवराज ने नई बुकिंग करने की कोशिश की, लेकिन नहीं हुई।
कोतवाली थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि 23 मार्च को पुन: गैस ऐजेंसी पर संपर्क किया तो वहां मौजूद कर्मचारी देवराज की समस्या का हल करने के बजाय ऑफिस बंद कर चला गया। जिला रसद विभाग को भी इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। पुरानी बुकिंग क्यों निरस्त हुई इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। देवराज ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि गैस आफिस पर जब इस बारे में पूछा गया तो उसे संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। पुलिस को दी रिपोर्ट में देवराज ने धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया है। रसद विभाग अब इस मामले की जांच में जुटा है।
पेट्रोलियम पदार्थ के साथ गैस को लेकर चल रही अफवाहों पर लगाम कसने जहां प्रशासन लगातार सक्रिय है, रसद विभाग ने भी कमर कस ली है। अब हर रोज पेट्रोल पंप पर स्टॉक की जांच हो रही है। चित्तौड़गढ़ जिले में कुल 193 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें निजी कंपनी के 32 हैं। रसद विभाग की टीमें जिले भर, खासकर ग्रामीण क्षेत्र के पंप पर स्टॉक के साथ ईंधन के रखरखाव व वितरण की जांच कर रही हैं।
जिला रसद कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी पेट्रोल पंप पर 1095 किलो लीटर, मतलब 10 लाख 95 हजार लीटर पेट्रोल का स्टॉक है। प्रतिदिन पेट्रोल की खपत 197 किलो लीटर, मतलब एक लाख 97 हजार लीटर है। डीजल का स्टॉक भी 1978 किलो लीटर (1978000 लीटर) है। डीजल की खपत प्रतिदिन 703 किलो लीटर(703000 लीटर) है। इस लिहाज से जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडारण है।
कुछ दिन पहले मप्र के नीमच जिले में किसी ने पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैला दी। उस दिन कुछ पेट्रोल पंप जल्दी बंद हो गए, जिससे लोगों को अफवाह सच लगी। इसके चलते नजदीकी क्षेत्र निम्बाहेड़ा में रात 10.30 बजे से पंप पर वाहनों की कतारें लग गई। रसद कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि एक पंप वाले का उनके पास फोन आया और इस तरह की सूचना दी। अधिकारी के निर्देश पर पंप संचालक ने रात 12 बजे तक ईंधन का वितरण किया।
विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि जिला कलक्टर को ईंधन के बारे में कुछ शिकायतें प्राप्त हुई। इनमें पर्याप्त ईंधन वितरण नहीं करना, स्टॉक छिपाकर भाव बढ़ने का इंतजार करना, जल्दी पंप बंद कर देना आदि शामिल हैं। इसे लेकर कलक्टर आलोक रंजन ने रसद विभाग के साथ सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के पंप की जांच का आदेश दिया। इसी को लेकर रसद विभाग व प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय हैं।
शहरी क्षेत्र में जिन गैस एजेंसियों की शिकायतें आ रहा रही है, उनकी जांच के लिए प्रवर्तन अधिकारी व सेल्स ऑफिसर के नेतृत्व में टीम गठित की है। प्रतिदिन खपत के हिसाब से जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। ऑयल कंपनियों से उनके पंप पर नियमित रूप से सप्लाई हो रही है, जिससे भंडारण में कमी नहीं है। सभी पंप की लगातार जांच कर रहे हैं।
-हितेश जोशी, जिला रसद अधिकारी