चित्तौड़गढ़. कोतवाली पुलिस की ओर से रविवार को बस स्टैण्ड पर ग्यारह माह के जुड़वां बच्चों को ले जाते जिस वृद्धा को पकड़ा था, वह कोई और नहीं बल्कि बच्चों के पिता की मौसी निकली। पत्नी से तलाक का मामला कोर्ट में चलने से पिता अपनी मौसी के साथ बच्चों को लेकर अहमदाबाद से बस में […]
चित्तौड़गढ़. कोतवाली पुलिस की ओर से रविवार को बस स्टैण्ड पर ग्यारह माह के जुड़वां बच्चों को ले जाते जिस वृद्धा को पकड़ा था, वह कोई और नहीं बल्कि बच्चों के पिता की मौसी निकली। पत्नी से तलाक का मामला कोर्ट में चलने से पिता अपनी मौसी के साथ बच्चों को लेकर अहमदाबाद से बस में बैठ गया था और बच्चों व मौसी को अकेला छोड़कर हिम्मत नगर में ही बस से उतर गया था।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल ने बताया कि रविवार को कोतवाली पुलिस ने एक वृद्धा व जुड़वां बच्चों को पेश किया था। इन बच्चों के दादा सोमवार को समिति के समक्ष पेश हुए। उनसे पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसके अनुसार बच्चों के माता-पिता का न्यायालय में तलाक का मामला विचाराधीन है। न्यायालय परिसर से ही बच्चों को दुलार करने के बहाने ले गया और वहां से अपनी मौसी को साथ लेकर कोटा जाने वाली बस में बैठ गया।
हिम्मत नगर में वह बस से उतर गया। जबकि उसकी मौसी बच्चों को लेकर कोटा पहुंच गई। जब पिता नहीं आया तो वृद्धा वापस अहमदाबाद जाने के लिए बच्चों को लेकर कोटा से बस में सवार हो गई। बाद में यहां कोतवाली पुलिस ने वृद्धा को पकड़ लिया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्चों को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।