चित्तौड़गढ़

Chittorgarh : वायरल का ‘नया रूप’, 12 दिन तक नहीं छोड़ रहा पीछा, नए लक्षणों ने बढ़ाई चिंता, जानें डॉक्टर की सलाह

Chittorgarh : चित्तौड़गढ़ जिले में श्रीसांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार इस बार वायरल संक्रमण पहले की तुलना में अधिक गंभीर है।
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Chittorgarh : चिकित्सालय में इलाज के लिए लाइन में खड़े मरीज। फोटो पत्रिका

Chittorgarh : चित्तौड़गढ़ जिले में मौसम के दोहरे मिजाज ने आमजन की सेहत बिगाड़ दी है। दिन में तेज धूप-गर्मी और रात में आ रही ठंडक के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। श्रीसांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि अस्पताल का दैनिक आउटडोर 2800 से 3000 के आस-पास पहुंच गया है, जिसमें अकेले 500 से 600 मरीज केवल वायरल बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं।

चित्तौड़गढ़ जिले में चिकित्सकों के अनुसार इस बार वायरल संक्रमण पहले की तुलना में अधिक गंभीर है। आमतौर पर तीन से पांच दिन में ठीक होने वाला वायरल इंफेक्शन अब मरीजों को 10 से 12 दिन तक पस्त कर रहा है। दवाइयां लेने के बावजूद मरीजों को पूरी तरह रिकवर होने में करीब दो सप्ताह का समय लग रहा है।

पुराने लक्षणों के साथ नए लक्षण की एंट्री

चिकित्सकों के अनुसार अब तक वायरल इंफेक्शन में केवल सर्दी, जुकाम, तेज बुखार और शारीरिक कमजोरी ही मुख्य लक्षण माने जाते थे। लेकिन इस बार वायरस का पैटर्न बदला हुआ नजर आ रहा है। मरीजों में पुराने लक्षणों के अलावा सीने में दर्द, गले में लगातार खराश और दस्त (डायरिया) जैसे नए लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन मरीजों के टेस्ट कराए जाते हैं तो जांच भी नॉर्मल आती है।

बारिश की खेंच और मौसम में बदलाव मुख्य वजह

मानसून की बेरुखी और बारिश की खेंच के कारण हवा में शुष्कता बढ़ी है। दिन में पारा चढ़ने और रात को तापमान गिरने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) प्रभावित हो रही है। यही उतार-चढ़ाव वायरस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। अच्छी बारिश होने पर वायरस आदि पनप नहीं पाते हैं, हालांकि बारिश के बाद डेगूं और मलेरिया के केस जरूर बढ़ते हैं। उल्लेखनीय है कि इस बार नाममात्र की बारिश हुई है।

बचाव के लिए चिकित्सकों की सलाह

1- गले में खराश और संक्रमण से बचने के लिए दिन में दो से तीन बार गुनगुने पानी से गरारे करें।
2- खान-पान में सूप, नारियल पानी और ताजा लिक्विड की मात्रा बढ़ाएं ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो।
3- तली-भुनी चीजों, अधिक तेल-मसालों और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचें।
4- संक्रमण से बचाव के लिए भीड़-भाड़ के क्षेत्रों और अस्पताल परिसर में अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं।

चिकित्सालय में रोगियों की संख्या पर एक नजर

तारीख ओपीडी आईपीडी
18 सितम्बर 2534 198
17 सितम्बर 2923 227
16 सितम्बर 2707 163
15 सितम्बर 2918 183
14 सितम्बर 2993 211
13 सितम्बर 1507 145
12 सितम्बर 2868 199
11 सितम्बर 3194 203

लगातार बढ़ रही वायरल रोगियों की संख्या

मौसम परिवर्तन के चलते वायरल रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे पूरी तरह से ठीक होने में 10-12 दिन लग रहे हैं। इसके लक्षण में भी बदलाव आया है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
डॉ. मनीष वर्मा, उप नियंत्रक, श्रीसांवलियाजी राजकीय जिला चिकित्सालय चित्तौड़गढ़

Updated on:
19 Sept 2026 06:57 pm
Published on:
19 Sept 2026 06:57 pm
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