चित्तौडग़ढ़ जिले में मानसून की मेहरबानी शुक्रवार को भी कायम रही। कुछ जगह तेज तो कुछ जगह रिमझिम बारिश हुई। बारिश का दौर तो चल रहा है लेकिन प्रमुख जलस्रोतों में अभी पानी की आवक ने गति नहीं पकड़ी है। जिले में शुक्रवार शाम 5 बजे समाप्त 24 घंटे में सर्वाधिक 59 मिलीमीटर पानी जिले के सबसे बड़े गंभीरी बांध पर बरसा।
चित्तौडग़ढ़. जिले में मानसून की मेहरबानी शुक्रवार को भी कायम रही। कुछ जगह तेज तो कुछ जगह रिमझिम बारिश हुई। बारिश का दौर तो चल रहा है लेकिन प्रमुख जलस्रोतों में अभी पानी की आवक ने गति नहीं पकड़ी है। जिले में शुक्रवार शाम 5 बजे समाप्त 24 घंटे में सर्वाधिक 59 मिलीमीटर पानी जिले के सबसे बड़े गंभीरी बांध पर बरसा। इस अवधि में भैसरोडग़ढ़ में 47, ओराई बांध पर 24, बेगूं में 14, भदेसर व निम्बाहेड़ा में 12-12, बस्सी बांध पर 10, बडग़ांव बांध पर 7, गंगरार में 5, भूपालसागर, राशमी व बड़ीसादड़ी में 3-3, चित्तौडग़ढ़ में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़ग़ढ़ शहर में शुक्रवार दिनभर घने बादल तो छाए रहे लेकिन तेज बारिश नहीं हुई। दिन में कुछ देर बूंदाबांदी ही हुई। मानसून की सक्रियता कायम रहने से किसानों को खरीफ फसल बचने की आस जगी है।
बांधों में पानी की आवक बढऩे का इंतजार
चित्तौडग़ढ़ जिले में मानसून सक्रिय तो हुआ है लेकिन अब भी लगातार सभी क्षेत्रों में एक साथ मूसलाधार बारिश के अभाव में प्रमुख बांधों में पानी की आवक बहुत कम हुई है। जिले के सबसे बड़े 23 फीट की क्षमता वाले गंभीरी बांध में शुक्रवार तक 1.6 फीट पानी ही मौजूद था। इसी तरह 36 फीट की क्षमता वाले बस्सी बांध में अब तक सात फीट पानी ही मौैजूद है। गत वर्ष इस समय तक बस्सी बांध छलक गया था।