चित्तौड़गढ़

सर्द हवाओं ने जकड़ा, धूप में भी छूटी धूजणी

जिले में पिछले तीन दिन से जारी शीतलहर से सोमवार को भी राहत नहीं मिली। हालात ये थे कि शरीर गलाने वाली बर्फानी हवाएं चलने से दिन में धूप में भी धूजणी छूटती रही।
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Updated: 30 Dec 2019, 10:43 PM IST
सर्द हवाओं ने जकड़ा, धूप में भी छूटी धूजणी
सर्द हवाओं ने जकड़ा, धूप में भी छूटी धूजणी

चित्तौडग़ढ़. जिले में पिछले तीन दिन से जारी शीतलहर से सोमवार को भी राहत नहीं मिली। हालात ये थे कि शरीर गलाने वाली बर्फानी हवाएं चलने से दिन में धूप में भी धूजणी छूटती रही। बर्फानी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान रविवार की तुलना मेें करीब ड़ेढ डिग्री बढ़ 3.4 पहुंच जाने पर भी सर्इी की जकडऩ कम नहीं हुई। दिन के अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट से धूप में तेजी के अभाव रहा। अधिकतम तापमान रविवार के २३ डिग्री की तुलना में करीब दो डिग्री कम होकर 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्द हवाओं का जोर इस कदर था कि सुबह ९ बजे तक भी दुपहिया वाहन चलाने वाले हाथों में दस्ताने पहनने पर भी गलन महसूस कर रहेथे। सर्द हवाएं चलने से सुबह 9-10 बजे तक भी सड़कों पर चहल-पहल बहुत कम रही। नोग जगह-जगह अलाव ताप सर्दी से बचाव का जतन करते दिखे। सुबह ११ बजे बाद धूप खिली लेकिन तेजी नहीं होने से राहत नहीं मिली। शीतलहर के कारण रात के समय लोग सफर भी कम पसंद कर रहे है। रोडवेज बसों में भी रात में मुसाफिर कम दिखने लगे है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही रात में घर से निकल रहे है। हालात ये है कि रात ८ बजे बाद ही शहर के प्रमुख बाजारों में चहल-पहल कम हो गई और लोग पुन: घरों में जा दुबके। बाजार में तिल के व्यंजन, गजक आदि की भी मांग बढ़ गई है। रात के समय सर्द हवाएं चलने का असर रोडवेज बसों में भी दिखा जिनमें सवारियों की संख्या पहले की तुलना में घट गई। सर्दी के रंगत में आने का असर खानपान पर भी दिख रहा है। घरों में गेहूं के स्थान पर मक्का की रोटी व अन्य व्यंजन भी बनाए जाने लगे है।

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30 Dec 2019, 10:43 PM IST
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