
मानसून 2025 का फाइल फोटो: पत्रिका
IMD Monsoon 2026 Prediction: चित्तौड़गढ़ जिले में इस बार मानसून के आने से पहले ही मेघ मेहरबान हैं। मानसून ने अभी औपचारिक दस्तक नहीं दी है, लेकिन जून महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही शहर से लेकर गांवों तक रिकॉर्ड तोड़ 88 मिमी (3.46 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्री-मानसून की इस बारिश ने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। यह स्थिति उन तमाम पारंपरिक कयासों और गणनाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है, जिनमें इस बार 'नौतपा गलने' के कारण कम बारिश होने का अंदेशा जताया जा रहा था।
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार, चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ संभाग में मानसून 22 से 25 जून के बीच किसी भी समय दस्तक दे सकता है। मानसून के आगमन के दौरान होने वाली झमाझम बारिश से इस बार पूरे जून महीने में वर्षा का एक नया कीर्तिमान स्थापित हो सकता है।
यदि पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो इस साल जून के शुरुआती आधे महीने ने ही पिछले साल यानी 2025 के पूरे जून महीने के रिकॉर्ड (75 मिमी) को बहुत पीछे छोड़ दिया है। वर्ष 2024 के पूरे जून माह में कुल 91.2 मिमी बारिश हुई थी, जिसके बेहद करीब यह आंकड़ा महज 15 दिनों में ही पहुंच गया है। हालांकि, वर्ष 2023 में 'बिपरजॉय' चक्रवात के असर से 1 से 16 जून के बीच बारिश हुई थी, जिससे इस साल का ग्राफ अभी थोड़ा पीछे है, लेकिन सामान्य मानसून के लिहाज से यह बेहद असाधारण है।
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएस शर्मा के मुताबिक, एक तरफ जहां प्री-मानसून की शुरुआत अच्छी रही है, वहीं इस साल के समग्र मानसून पर 'अल-नीनो' की बाधा का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अल-नीनो के सक्रिय होने के कारण इस वर्ष कुल मानसूनी वर्षा दीर्घकालिक औसत का लगभग 90 प्रतिशत ही रह सकती है, जो सामान्य से कम की श्रेणी में आता है।
यह प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिससे समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। भारत के संदर्भ में, यह दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को कमजोर कर देता है, जिससे वर्षा में कमी आती है और बीच-बीच में सूखे के लंबे अंतराल देखने को मिलते हैं।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गत 9 जून को केरल तट पर दस्तक दे दी थी। वर्तमान में यह देश के प्रायद्वीपीय और पूर्वी हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से यानी मेवाड़ क्षेत्र में इसके जून के अंतिम सप्ताह तक सक्रिय होने की पूरी संभावना है। वर्तमान में चित्तौड़गढ़ जिले में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच दिन का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
Updated on:
16 Jun 2026, 10:33 AM IST
Published on:
16 Jun 2026, 9:42 AM IST
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