
Government Compensation On Natural Disaster: प्रदेश में चित्तौडगढ़ सहित 31 जिलों में इस माह में सामान्य से अधिक बारिश हुई हैं। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष क्रियाशील किए गए हैं, जिनके टोल फ्री नंबर 1077 पर कॉल किया जा सकता है। प्रत्येक प्रभावित जिले को बाढ़ बचाव एवं राहत गतिविधियों के लिए संभाग स्तरीय जिला मुख्यालयों को 20-20 लाख रुपए तथा अन्य जिलों को 10-10 लाख रुपए की अग्रिम राशि स्वीकृत की गई है। राज्य में एसडीआरएफ की 8 कंपनियां तैनात की गई हैं, इसमें जयपुर में 2, कोटा एक, भीलवाड़ा एक, अजमेर एक, टोंक एक, चित्तौडगढ़ में एक तथा बीकानेर में एक कंपनी तैनात की गई हैं। इन्हें बाढ़ बचाव के लिए 57 टीमों में बांटकर कर जिला मुख्यालयों पर तैनात किया गया है।
सरकार की ओर से प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपए, मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 1.20 लाख रुपए, बड़े दुधारू पशु की क्षति होने पर 37 हजार 500 रुपए प्रति पशु अधिकतम 3 व छोटे दुधारू पशु की क्षति होने पर 4 हजार रुपए प्रति पशु अधिकतम 30 तक मिलेंगे।
इसी प्रकार बोए गए असिंचित क्षेत्र में 33% या उससे अधिक खराबा होने पर प्रति हेक्टेयर 8 हजार 500 रुपए व बोए गए सिंचित क्षेत्र में 33 प्रतिशत या उससे अधिक खराबा होने पर प्रति हेक्टेयर 17 हजार रुपए, बहुवर्षीय फसलों में 33 प्रतिशत या उससे अधिक खराबा होने पर प्रति हेक्टेयर 22 हजार 500 रुपए की तत्काल सहायता देने का प्रावधान राज्य आपदा मोचन कोष के अन्तर्गत से दी जाएगी।
साथ ही सार्वजनिक परिस्थितियों जैसे स्टेट हाइवे व मुख्यजिला सडकों के क्षतिग्रस्त होने पर उनकी तत्काल मरम्मत के लिए एक लाख रुपए प्रति किलोमीटर, ग्रामीण सडकों के क्षतिग्रस्त होने पर 60 हजार रुपए प्रति किलोमीटर एवं विद्यालय भवनों, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के क्षतिग्रस्त होने पर अधिकतम 2 लाख रुपए प्रति भवन व महिला मंडल, युवा केन्द्रों, पंचायत घरों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं सामुदायिक भवनों के क्षतिग्रस्त होने पर अधिकतम 2.50 लाख रुपए प्रति भवन, लघु सिंचाई योजना के क्षतिग्रस्त होने पर प्रति योजना 2 लाख रुपए अधिकतम देने का प्रावधान किया गया है।