
उपकारागृह बेगूं में तलाशी के दौरान उपजे विवाद में बंदी से हाथापाई के विरोध में बंदियों ने भूख हड़ताल कर दी। चित्तौडग़ढ़ से उप अधीक्षक जेल (डिप्टी जेल ) गुरुवार को उपकारागृह पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू की। उप अधीक्षक की समझाइश पर बंदियों ने भूख हड़ताल तोड़ दी तथा खाना खाया। मामले में जांच रिपोर्ट जेल मुख्यालय भेजी जाएगी।
जेल सूत्रों के अनुसार उपकारागृह में बंदी रावतभाटा के न्यू क्लॉथ मार्केट निवासी खेमसिंह पुत्र पांचूसिंह रावत का बुधवार शाम तलाशी के दौरान जेल प्रहरी सतीश कुमार के साथ विवाद हुआ। पहले बोलचाल हुई तथा बात इतनी बढ़ गई कि दोनों में धक्का-मुक्की व मारपीट हो गई। सतीश के साथ अन्य प्रहरी बीच-बचाव में आगे आए। अन्य बंदियों ने खेमसिंह का साथ दिया, इससे मामला बढ़ गया। बंदियों ने चार ही प्रहरियों को हटाने तथा मारपीट करने के मामले में इनके विरुद्ध पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज कराने की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर उतर गए। शाम को बंदियों ने भोजन नहीं किया। उपकारागृह से मामले की सूचना मुख्यालय पर दी गई।
जेल मुख्यालय से चित्तौडग़ढ़ से जेल उप अधीक्षक गोविन्दसिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया, जो गुरुवार सुबह बेगूं पहुंचे। खेमसिंह सहित अन्य बंदियों के बयान दर्ज किए। बंदी खेमसिंह ने जेल स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया तथा घायल होने के बाद भी उपचार नहीं कराने की बात कही। डिप्टी जेल ने बेगूं चिकित्सालय से चिकित्सक को बुला खेमसिंह का उपचार कराया। डिप्टी जेल ने बंदियों से उनकी मांग के समर्थन में उचित कार्रवाई का आश्वासन दे भूख हड़ताल तुड़वा दी।
इधर, उपकारागृह से सब जेलर करणसिंह ने बंदी खेमसिंह, गौरव पुत्र बृजमोहन, नितेश पुत्र राधेश्याम तेली, अतुल पुत्र नन्दलाल ठाकरे, गोपाल पुत्र देवीसिंह राजपूत एवं गोपाल पुत्र बंशीलाल कुमावत के विरूद्ध राजकार्य में बाधा पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में बेगूं थाने में रिपोर्ट दी है।
उपकारागृह में बंदी एवं जेल स्टाफ के मध्य विवाद पर जांच के लिए पहुंचा था। मामले की जांच शुरू कर दी है। बंदियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर भूख हड़ताल तुड़वा दी।
गोविन्दसिंह, उप अधीक्षक जेल, जिला कारागृह चित्तौडग़ढ़