
बीजेपी विधायक हार्दिक पटेल, (Pc-Patrika)
Politics News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम डिबेट की चुनौती दिए जाने को भाजपा नेता और गुजरात से भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राहुल गांधी का डिबेट का कोई मतलब नहीं है और यह जानबूझकर सस्ती लोकप्रियता के लिए इस तरह के चैलेंज किया जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और प्रधानमंत्री के पद की एक गरिमा होती है राहुल गांधी शायद उस गरिमा को नहीं जानते। राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री बने नहीं है और ना ही भविष्य में वह बन पाएंगे, इसलिए वह उस पद पर बैठे हुए व्यक्ति को चुनौती देने का काम करते हैं।
वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में दिन दिवसीय सांस्कृतिक संसद के आयोजन में पहुंचे गुजरात से भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने कहा, "देखिए सबसे पहले तो उनसे (पीएम मोदी) व्यक्तिगत डिबेट करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। राहुल गांधी लगातार देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले उन्होंने एसआईआर को लेकर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगातार देश में विभिन्न राज्यों में कानून व अन्य व्यवस्थाओं को खराब करने का उनका प्रयास है।"
हार्दिक पटेल ने कहा, "हम सब जानते हैं कि जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, तो देश में पेपर लीक होने का जो विषय था उसको स्वीकार किया था। एसआईआर की जो भूमिका अभी चल रही है, जिसमें वह लगातार बोल रहे हैं कि नाम काटे गए। सवाल इतना ही है कि कांग्रेस को पेट में क्यों दर्द हो रहा है? जिसके नाम कटे वो तो बोल नहीं रहे। व्यवस्था ये स्पष्ट है, गुजरात में भी एसआईआर लागू हुआ था। पूरे देश में एसआईआर का कार्य पद्धति हो गई। तो जो लोग घर पे नहीं होंगे जिसकी डेथ हुई होगी, उनका एसआईआर से नाम कटेगा ही। लेकिन मुझे यह व्यक्तिगत रूप से लगता है कि राहुल गांधी विशेष वर्ग को राजी करने के लिए उनको अपनी तरफ खींचने के लिए एसआईआर का मुद्दा बना रहे हैं और आने वाले दिनों में मतलब ये 2027 में पांच राज्यों में और गुजरात में चुनाव है तो देश में माहौल खराब करने का प्रयास है।"
हार्दिक पटेल ने दावा किया है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों को जुटाने की बात कही गई थी, लेकिन वहां सिर्फ 50 हजार लोग ही इकट्ठे हुए और वह भी बहुत मुश्किल से। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि देश की जनता और देश के नौजवान राहुल गांधी को अच्छी तरीके से समझ चुके हैं और वह उनके साथ खड़ा नहीं होना चाहते। वह जानते हैं कि राहुल गांधी जेन-जी को बरगलाने का काम कर रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में राहुल गांधी को उनकी हैसियत यही युवा दिखाएंगे।
Updated on:
4 Nov 2026, 3:08 PM IST
Published on:
4 Nov 2026, 3:08 PM IST
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