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BHU में तकनीक का सहारा: एआई से जांची जाएंगी कॉपियां, मूल्यांकन की प्रक्रिया होगी तेज

Education News: वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों की कॉपियां अब एआई के जरिए जांची जाएंगी। विश्वविद्यालय के मुताबिक, इन कॉपियों की जांच अब मैनुअल के साथ ही एआई से कराई जाएगी।
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वाराणसी

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Vijendra Mishra

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Updated: 3 Nov 2026, 8:26 AM IST

Varanasi latest news

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, (फाइल फोटो-पत्रिका)

BHU News: वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों की कॉपियां अब एआई के जरिए जांची जाएंगी। विश्वविद्यालय के मुताबिक, इन कॉपियों की जांच अब मैनुअल के साथ ही एआई से कराई जाएगी। मूल्यांकन के बाद एआई सिस्टम अपने आप रिजल्ट भी तैयार कर देगा। कॉपियों की जांचने की इस प्रक्रिया के कारण पारदर्शिता बनाने के साथ ही गलतियां से बचने के लिए विश्वविद्यालय ने इस फैसले पर मोहर लगा दी है। हालांकि, इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एआई से कॉपियों की जांच होने के बाद मैन्युअल तरीके से भी कॉपियां जांची जाएगी, ताकि किसी प्रकार से त्रुटि होने की संभावना न के बराबर रहे।

1.75 करोड़ आएगी लागत

जानकारी के मुताबिक, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की तरफ से यह डिवाइस लगाने की जिम्मेदारी दे दी गई है। अभी तक डिजिटल कॉपी को जांचने की यह व्यवस्था बीएचयू के सिर्फ एक ही संस्थान इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट स्टडी में दी गई थी, जो पिछले सेमेस्टर से लागू किया गया है। अभी तक सिर्फ यही एक डिपार्टमेंट है, जिसमें सेमेस्टर की कॉपियां डिजिटल तरीके से जांच की गई हैं। जांच के दौरान बेहतर परिणाम आने के बाद अब इसे हर संकाय और संस्थान में लागू करने की कवायद की जा रही है।

बताया जा रहा है कि बीएचयू ने इसके लिए डिवाइस मांगने की तैयारी शुरू कर दी है। इस डिवाइस पर करीब 1.75 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक विभाग की माने तो इस नई व्यवस्था के लागू होने से 40 पन्नों की विशेष उत्तर पुस्तिकाएं तैयार की जाएंगी। इनमें बारकोड क्यूआर कोड और ओमर जैसी आधुनिक सुरक्षा मानक का इस्तेमाल किया जाएगा। बुकलेट की स्कैनिंग बिना उसकी सिलाई और बाइंडिंग काटे ओवरहेड स्केनर के माध्यम से की जाएगी। इससे काफियों के पन्ने फटने या गुम होने का खतरा कम हो जाएगा।

स्टूडेंट पोर्टल पर दिखेगा अंक

विश्वविद्यालय की माने तो इस तरह से मूल्यांकन किए जाने के दौरान परीक्षार्थियों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। वहीं मूल्यांकन का कार्य पूरा होते ही सिस्टम अपने आप ही अंक तालिका और सारांश पेज तैयार कर देगा। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र स्टूडेंट पोर्टल पर जांची हुई कॉपियां और अंक देख सकेंगे। यदि छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें अंकों में गलती लगती है, तो रिजल्ट जारी होने के 7 दिनों के अंदर समीक्षा या पुर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन करने की भी सुविधा प्रदान की जाएगी।

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