
Chittorgarh Milk Union: चित्तौड़गढ़ दुग्ध संघ (डेयरी) में पिछले 9 महीनों से चल रही रेवड़ी बांटने की परंपरा पर आखिरकार अगले महीने से ताला लगने जा रहा है। वहीं, सरकारी सेवा की उम्र पार करने के बावजूद मलाईदार पद पर जमे मार्केटिंग इंचार्ज को भी प्रबंध निदेशक (एमडी) ने ‘टाटा-टाटा, बाय-बाय’ कह दिया है। यह त्वरित एक्शन 'राजस्थान पत्रिका' में सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित समाचार के बाद लिया गया है, जिसने डेयरी प्रबंधन की लापरवाही और मिलीभगत की पोल खोलकर रख दी।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और मामले की जांच की चर्चा शुरू हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि चित्तौड़गढ़ दुग्ध संघ की अध्यक्ष स्वयं जिला कलक्टर डॉ. मंजू हैं, लेकिन इस पूरे घालमेल की भनक उन तक भी नहीं पहुंचने दी गई।
गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़ डेयरी में दूध सप्लाई का ठेका काफी समय पहले समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद उसी कांट्रेक्टर कंपनी पर पिछले 9 महीने से मेहरबानी बरसाई जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर सेवानिवृत्ति के बाद 68 वर्ष की उम्र में अनुबंध पर रखे गए मार्केटिंग इंचार्ज अरविंद कुमार गर्ग इस पूरे खेल के केंद्र में बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि सिटी दूध सप्लाई करने वाली कांट्रेक्टर कंपनी भीलवाड़ा की है और गर्ग भी भीलवाड़ा के ही रहने वाले हैं। तो क्या इसी 'भीलवाड़ा कनेक्शन' के चलते बिना नई निविदा जारी किए चहेती कंपनी को बार-बार एक्सटेंशन देकर उपकृत किया जा रहा है।
इस गंभीर धांधली को लेकर 'पत्रिका' ने सोमवार के अंक में खुलासा किया, तो डेयरी प्रशासन में हड़कंप मच गया। छुट्टी पर चल रहे प्रबंध निदेशक राजकुमार शर्मा तुरंत अलर्ट मोड पर आए और उन्होंने दूरभाष पर ही गर्ग को आगामी आदेश तक ऑफिस आने से मना कर दिया। इसके बाद पूरे मामले को लेकर अंदरखाने जांच की प्रक्रिया शुरू होने की भी चर्चा है।
अधिक उम्र के व्यक्ति को किस तरह नौकरी पर रखा गया, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। फिलहाल मैंने उन्हें फोन कर कल से ऑफिस आने से मना कर दिया है। मैं अभी छुट्टी पर हूं, लौटते ही इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। दूध सप्लाई की नई निविदा भी जल्द आमंत्रित की जाएगी।
* राजकुमार शर्मा, प्रबंध निदेशक, चित्तौडगढ़़ दुग्ध संघ