अफीम तौल की प्रक्रिया के तहत किसानों को सबसे पहले तौल केंद्र पर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। इसके बाद उनकी लाई गई अफीम के नमूने लिए जाएंगे। अफीम को प्लास्टिक के विशेष कंटेनरों में रखा जाएगा।
चित्तौड़गढ़। पट्टाधारी किसानों की अफीम तौल प्रक्रिया इस वर्ष 29 मार्च से शुरू की जाएगी। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा आयोजित इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नारकोटिक्स विभाग के प्रथम खंड के किसानों की अफीम की तौल की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्य जिला मुख्यालय स्थित नारकोटिक्स विभाग कार्यालय परिसर में शुरू होगा।
नारकोटिक्स विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रथम खंड की तौल 29 मार्च से शुरू होगी, जबकि खंड द्वितीय और तृतीय की तौल 2 अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी। खंड द्वितीय के किसानों की अफीम की तौल भी जिला मुख्यालय स्थित नारकोटिक्स विभाग परिसर में ही की जाएगी। वहीं खंड तृतीय के किसानों के लिए तौल केंद्र नीमच मार्ग स्थित निम्बाहेड़ा में बनाया गया है, जहां 2 अप्रैल से तौल कार्य शुरू होगा। पिछले वर्ष अफीम तौल प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हुई थी, लेकिन इस बार इसे दो दिन पहले शुरू किया जा रहा है।
इस बार उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों के करीब 21 हजार 900 से अधिक पट्टाधारी किसानों की अफीम की तौल की जाएगी। इसमें गम पद्धति और सीपीएस पद्धति से की गई अफीम खेती दोनों शामिल हैं। प्रथम खंड में 300 से अधिक गांवों के करीब 8 हजार से ज्यादा किसान शामिल हैं। इनमें से 6 हजार से अधिक किसानों ने गम पद्धति से अफीम की खेती की है, जबकि लगभग 2 हजार किसानों ने सीपीएस पद्धति से अफीम उत्पादन किया है। गम पद्धति में अफीम डोडे पर चीरा लगाकर अफीम निकाली जाती है, जबकि सीपीएस पद्धति में बिना चीरा लगाए डोडों से उत्पादन लिया जाता है।
अफीम तौल की प्रक्रिया के तहत किसानों को सबसे पहले तौल केंद्र पर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। इसके बाद उनकी लाई गई अफीम के नमूने लिए जाएंगे। अफीम को प्लास्टिक के विशेष कंटेनरों में रखा जाएगा और फिर उसका वजन किया जाएगा। विभाग द्वारा तौल प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पहले दिन तौल के लिए आने वाले किसानों की सूची भी तैयार की जा रही है। प्रथम खंड में चित्तौड़गढ़, बस्सी, भदेसर सहित उदयपुर जिले के कुछ क्षेत्रों के किसान भी शामिल हैं।
तौल केंद्र पर किसानों और अधिकारियों को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। नारकोटिक्स विभाग परिसर में बड़ा शामियाना लगाया गया है। इसके नीचे बैठने के लिए व्यवस्था के साथ कूलर, पंखे और ठंडे पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही अफीम रखने के लिए आने वाले कंटेनरों की साफ-सफाई और वजन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी, ताकि तौली गई अफीम को सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया जा सके।