
चित्तौडग़ढ़। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पर विरोध के चलते चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर गुरुवार को भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और दुर्ग के प्रथम प्रवेश द्वार पाडनपोल पर पूछताछ के बाद ही किसी को आगे जाने दिया जा रहा है। शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्गो पर भी पुलिस बल तैनात रहा। उदयपुर व राजसमंद से भी पुलिस बल को चित्तौडग़ढ़ बुलाया गया है।
इससे पहले बुधवार काे फिल्म के विरोध में छात्रों ने महाराणा प्रताप महाविद्यालय को भी बंद करा दिया। सर्व समाज और करणी सेना सहित कई कार्यकर्ता शाम को करीब पौने चार बजे पुतले लेकर नारेबाजी करते हुए पाडनपोल पहुंचे। सभी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , राजस्थान सरकार की मुखिया, सेंसर बोर्डके अध्यक्ष प्रसून जोशी व संजय भंसाली के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पीएम मोदी व प्रसून जोशी के पुतले जलाए। इसके साथ टायर भी जलाए।
फिर दोहराई मांग व एक दिन की चेतावनी
कई महिलाओं ने शाम को जौहर स्थल जाकर इच्छा मृत्यु की मांग फिर दोहराई, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों ने राष्ट्रपति को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद इन महिलाओ ने एक दिन की ओर चेतावनी प्रशासन को दी। मंच की अध्यक्ष मंजूश्री शक्तावत ने कहा कि फिल्म बंद नहीं हुई तो तबाही होगी। इससे पहले फिल्म की रिलीज के एक दिन पहले जौहर की चेतावनी देने वाली जौहर क्षत्राणी मंत्र की पदाधिकारी व महिलाए दिनभर पुलिस के पहरे में रही।
केवल 53 पर्यटक ही देख पाए दुर्ग
दुर्ग के व्यू पांइट, मीरा मंदिर, विजय स्तम्भ, खातन बावड़ी, पद्मिनी पैलेस आदि जगह बेरिकेट्स लगाकर पुलिस तैनात की गई। दुर्ग स्थित भारतीय पुरातत्व विभाग की टिकिट खिड़की पर बुधवार को विदेशी पर्यटकों ने 47 तथा भारतीय पर्यटकों ने दुर्ग दर्शन के लिए मात्र 6 टिकिट खरीदे।
प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज बस के कांच फोड़ गए
पाडनपोल पर शाम को प्रदर्शन कर लौट रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने दुर्ग मार्ग पर एलआईसी बिल्डिंग के पास खड़ी एक रोडवेज बस पर पत्थर बरसाए, जिससे उसके आगे के कांच फूट गए, दूसरी तरफ ड्राइवर को भी चोट लगते बची। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस युवको को घेरने पहुंची, लेकिन वे तुरंत मौके से भाग खड़े हुए।
पुलिसकर्मी पर लगा बदसलूकी का आरोप
पुलिस के किलाबंदी के दौरान पर्यटकों से पूछ परख कर ही भीतर प्रवेश दिया गया, इसी दौरान विदेशी टूरिस्ट एक महिला गाइड पार्वती सुखवाल ने बर्फ फैक्ट्री के पास ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के गलत तरीके से उसे धक्का देकर रोकने का आरोप लगा दिया। पुलिस अधिकारियों ने गाइड को समझा बुझा शांत किया और विदेशी पर्यटकों को किले में प्रवेश दिलाया गया।