चित्तौड़गढ़

Inspirational: राजस्थान के सरकारी शिक्षक की अनूठी पहल, खुदकी सैलरी से बच्चों पर खर्च किए लाखों रुपए, अब स्टेट लेवल प्लेयर बने स्टूडेंट

Real Life Motivational Story: राजस्थान के एक सरकारी शिक्षक ने अपने समर्पण और जुनून से शिक्षा जगत में प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी ही सैलरी से लाखों रुपए खर्च कर बच्चों के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराई और उन्हें तीरंदाजी, राइफल शूटिंग व नेटबॉल जैसे खेलों में प्रशिक्षित किया।

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तीरंदाजी का प्रशिक्षण देते शिक्षक कच्छावा (फोटो: पत्रिका)

Government Teacher Dheerendra Kachawa: आज के दौर में जहां सरकारी स्कूलों को लेकर अक्सर संसाधान के अभाव की चर्चा होती है। वहीं जिले के कपासन ब्लाक राजकीय उच्च प्राथमकि विद्यालय तरनावों का खेड़ा स्कूल के एक शिक्षक धीरेन्द्र कच्छावा ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जो साबित करती है कि अगर जज्बा हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

एक सरकारी शिक्षक होकर भी वे अपने स्वंय के खर्च से खेल सामग्री लाकर बच्चों को खेलों के प्रति जागरुक कर रहे है। कच्छावा ने पिछले चार वर्षो में कई बच्चों को तीरंदाजी , निशानेबाजी व नेटबॉल जैसे खेल में आगे बढ़ाया है। 200 घर व 2200 की आबादी वाले तरनावों का खेड़ा स्कूल के बच्चे अब जिला व राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं में नाम रोशन कर रहे है।

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तरनावों का खेड़ा से खिलाड़ी पहुंचे राज्य स्तर पर

अजमेर निवासी वीरेन्द्र कच्छावा अंग्रेजी के शिक्षक होकर स्वंय भी राइफल शूटिंग के राज्य स्तरीय खिलाड़ी है। गांव में रहते है। स्कूल समय के बाद चार घंटे तक बच्चों को प्रशिक्षण देते है। पिछले चार वर्षो में पांच दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को तीरंदाजी ,राईफल शूटिंग नेटबॉल के लिए तैयार किया।

इनमें से इंडियन तीरंदाजी में सात छात्राओं व 12 छात्रों ने भाग लिया। छह छात्रों व चार छात्राओं ने राज्य स्तर पर पारितोषिक प्राप्त किया। राईफल शूटिंग में 11 छात्र व 10 छात्राओं को राईफल शूटिंग खेल के लिए तैयार किया गया। इनमें 8 वीं क्लास की छात्रा तमन्ना गाडरी प्री नेशनल में भाग ले चुकी है। दो छात्र एक छात्रा राज्य स्तर पर खेलने गए । नेटबॉल के लिए वर्ष 2025 में दो छात्राओं का राज्य स्तर पर नेट बॉल टीम में चयन हुआ।

स्काउट गतिविधियों से भी जोड़ा

स्कूली छात्र-छात्राओं को स्काउट से भी जोड़ा । स्काउट में राज्यपाल पुरस्कार, राज्यपाल प्रथम प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के साथ तृतीय सोपान उत्तीर्ण भी शामिल है। स्काउट के कब स्तर तक नेशनल कब में भी स्कूल के छात्र-छात्रा स्काउट में पुरस्कार प्राप्त कर चुके है।

बच्चों के लिए खुद की जेब से खर्च करते है

शिक्षक कच्छावा ने इसी साल टेबल टेनीस के लिए 35000 रुपए की खेल सामग्री स्कूल को भेंट की। 2024 में विद्यालय में 30 हजार व 2025 में 9000 के स्वेटर स्वंय के खर्चे से वितरित किए। करीब डेढ़ लाख रुपए की खिलाडिय़ों के लिए राईफल, किट, गोलियां, धनुष, तीर, टारगेट खेल सामग्री भी ला रखी है। बच्चों को आगे बढऩे में खेल सामग्री की कमी न आए इसी उदेश्य से स्वंय खर्च कर सरकारी स्कूल में सें खिलाड़ी तैयार करते है।

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Updated on:
17 Mar 2026 12:11 pm
Published on:
17 Mar 2026 12:09 pm
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