Rajasthan Opium Weighing : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिले के अफीम काश्तकारों के लिए रविवार का दिन खुशियों और कड़ी मेहनत की परीक्षा का रहा। चित्तौड़गढ़ में 303 तो प्रतापगढ़ में 425 किसानों ने तुलाई करवाई। तुलाई के दौरान किसानों के चेहरे खिले रहे।
Rajasthan Opium Weighing : चित्तौड़गढ़ जिले के अफीम काश्तकारों के लिए रविवार का दिन खुशियों और कड़ी मेहनत की परीक्षा का रहा। नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम तुलाई कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला नारकोटिक्स परिसर में पहले दिन 303 काश्तकारों ने अपनी उपज तुलवाई। तपती धूप से राहत देने के लिए विभाग ने जहां शामियानों का इंतजाम किया, वहीं काश्तकारों को घंटों कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए एक अनूठी व्यवस्था दिखी।
जमीन पर काश्तकारों के बजाय उनके अफीम के कैन नंबरवार कतारों में सजे नजर आए। जिला अफीम अधिकारी बी.एन. मीणा ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पारदर्शिता के लिए दो छोटे और एक बड़े कांटे से तुलाई की गई।
जिला अफीम अधिकारी बीएन मीणा ने बताया कि जिले में कुल 8,233 काश्तकार अफीम की खेती से जुड़े हैं। तौल कार्यक्रम को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले और दूसरे खंड की तुलाई जिला मुख्यालय स्थित सेंट पर होगी। जबकि अततीम तृतीय खंड की तुलाई निम्बाहेड़ा में होगी।
अफीम की तुलाई 29 मार्च से शुरू होकर 23 अप्रेल तक चलेगी। पहले दिन 18 गांवों के 300 किसान अपनी उपज तौलेंगे, जबकि दूसरे दिन 15 गांवों के 400 किसानों को बुलाया गया है। यह सभी तुलाई गम पद्धति (चीरा लगाने वाली) से ली गई अफीम की होगी। जबकि बिना चीरा वाली (सीपीएस) पद्धति से ली गई अफीम की तुलाई 15 अप्रैल से 23 अप्रेल के बीच होगी।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभाग ने काश्तकारों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा है। परिसर में एक विशाल शामियाना लगाया गया है ताकि किसानों को सीधी धूप से बचाया जा सके। इसके अलावा शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर, अस्थाई शौचालय और आपातकालीन स्थिति के लिए प्राथमिक चिकित्सा एवं जरूरी दवाइयों का स्टॉक भी केंद्र पर उपलब्ध कराया गया है।
प्रतापगढ़ शहर के जैन दादाबाड़ी परिसर में नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम की तुलाई शुरू की गई। रविवार को 22 गांवों के 425 किसानों की अफीम का तौल किया गया। इस बार उप नारकोटिक्स आयुक्त और सहायक नारकोटिक्स आयुक्त कोटा के निर्देश पर मार्च महीने में ही अफीम की तुलाई शुरू कर दी गई है। जिससे किसानों को राहत मिली है।
जिला अफीम अधिकारी एचएल वर्मा ने बताया कि इस बार खास बात यह है कि पूरे राजस्थान में अफीम तुलाई की शुरुआत सबसे पहले प्रतापगढ़ खंड और चित्तौडगढ़ खंड में ही की गई है। तुलाई केंद्र पर आवश्यक सुविधाएं और तौल में पारदर्शिता के लिए तौल केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।