
Chittorgarh : चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में राजस्थान परमाणु बिजलीघर की सुरक्षा में तैनात CISF जवान की ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जवान की सर्विस राइफल से गोली चली थी। गोली सीने को चीरती हुई पार कर गई थी। जवान हादसे के समय परमाणु बिजलीघर की इकाई 3 व 4 की रिएक्टर बिल्डिंग के बाहर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार तड़के साढ़े 4 बजे अचानक फायरिंग की आवाज से सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो घटनास्थल पर जवान प्रमिर सरकार (25 वर्ष) खून में लथपथ फर्श पर गिरा हुआ था। उसे तत्काल परमाणु बिजलीघर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शव मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों के पश्चिमी बंगाल से आने के बाद पोस्टमार्टम होगा।
सीआईएसएफ कमाडेंट, उप कमाडेंट और चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात जवान की मौत कैसे हुई, इस पर संशय है। सर्विस राइफल से गोली चली या कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा जांच के बाद होगा। गोली मृतक के सीने के आर-पार हो गई थी।
पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है। घटना की जानकारी पश्चिम बंगाल में रह रहे मृतक जवान प्रमिर सरकार के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति और अधिक साफ होने की उम्मीद है फिलहाल सुरक्षा एजेंसी और स्थानीय पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई हैं।
मृतक जवान प्रमिर सरकार 2025 में सीआईएसएफ में भर्ती हुए थे। छह महीने पहले उन्हें रावतभाटा में पोस्टिंग मिली थी। शुक्रवार रात वह साढ़े 8 से सुबह पांच बजे की पारी में रिएक्टर बिल्डिंग की सुरक्षा ड्यूटी पर थे। ड्यूटी ऑफ होने के आधा घंटे पहले सीने में गोली लगने से उनकी मौत हो गई।!
थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि सीआईएसएफ जवान प्रमिर ड्यूटी स्थल पर गोली लगने से मृत मिले। जवान के पास इंसास राइफल थी। उसी से हादसा हुआ है। गोली कैसे चली इसके कारणों की जांच की जा रही है।