Dry Fruits Price Hike: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध का सीधा असर अब भारत के घरेलू बाजारों में दिखने लगा है। रसोई के बजट को प्रभावित करने के बाद, इस तनाव की तपिश अब ड्राई फ्रूट्स के बाजार तक पहुंच गई है।
Dry Fruits Price Hike: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध का सीधा असर अब भारत के घरेलू बाजारों में दिखने लगा है। रसोई के बजट को प्रभावित करने के बाद, इस तनाव की तपिश अब ड्राई फ्रूट्स के बाजार तक पहुंच गई है। ईरान, अफगानिस्तान और खाड़ी देशों से होने वाली सप्लाई बाधित होने के कारण सूखे मेवों की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
पिछले कई दिनों से खाड़ी देशों में युद्ध हो रहा है। इसके कारण सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई है। भारत में ईरान से मामरा बादाम, पिस्ता और केसर आती है। इनकी बाजारों में अच्छी खासी डिमांड भी है, लेकिन युद्ध के चलते पिछले कई दिनों से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। शादी-विवाह के सीजन में इनकी डिमांड भी बढ़ जाती है। कुछ सालों से ड्राई फ्रूट्स घरों में रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली चीजें हो गई है।
व्यापारियों के अनुसार ईरान के प्रमुख बंदरगाहों पर बड़ी मात्रा में भारत आने वाला माल फंसा हुआ है। समुद्री मार्गों में असुरक्षा के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सामान्य परिस्थितियों में ईरान से भारत तक खेप पहुंचने में लगभग तीन महीने का समय लगता है, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता ने समय चक्र पूरी तरह बिगाड़ दिया है, सप्लाई पुन: कब से शुरू होगी इसका भी किसी के पास जवाब नहीं है।
अफगानिस्तान से अंजीर और मुनक्का की सप्लाई होती है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव के चलते पिछले 15 दिनों से सप्लाई पूरी तरह से बंद है। पहले ड्राई फ्रूट्स सड़क मार्ग से आने में 15-20 दिन में आ जाते थे, लेकिन अब पानी के जहाजों से आने में दो से ढ़ाई माह लगते हैं। इसके कारण सप्लाई में भी कमी आई है।
ड्राई फ्रूट्स विक्रेता सुशील न्याती ने बताया कि युद्ध के चलते ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई बाधित हो गई है। आने वाले दिनों में शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन में इनकी मांग बढ़ जाती है। जल्द सप्लाई शुरू नहीं होने से आम आदमी की जेब पर बोझ पड़ेगा। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है।