चूरू

नींद की झपकी आने पर आई ब्लिंक सेंसर रोकेगा दुर्घटनाएं

आप वाहन चला रहे हैं और अचानक नींद की झपकी आ जाए तो दुर्घटना निश्चित है। ऐसे में कई बार जान भी चली जाती है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक ऐसा सेंसर तैयार किया गया है जिससे के माध्यम से प्रदेश में बढ़ते दुर्घटना के ग्राफ को कम किया जा सकेगा।
2 min read
Jan 20, 2019
churu news
नींद की झपकी आने पर आई ब्लिंक सेंसर रोकेगा दुर्घटनाएं

मधुसूदन शर्मा
चूरू. आप वाहन चला रहे हैं और अचानक नींद की झपकी आ जाए तो दुर्घटना निश्चित है। ऐसे में कई बार जान भी चली जाती है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक ऐसा सेंसर तैयार किया गया है जिससे के माध्यम से प्रदेश में बढ़ते दुर्घटना के ग्राफ को कम किया जा सकेगा। ऐसा ही कार्य किया है गांव डाबला की राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ में अध्ययनरत रिंकू कुमारी ने। उसने आई ब्लिंक सेंसर नाम प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट में आई सेंसर, रिले स्वीच, एलईडी, प्रिंटेड सर्किट बॉक्स सामग्री की जरूरत होती है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल प्रजापत ने बताया कि ये प्रोजेक्ट रोडवेज सहित निजी वाहनों में लगाया जाता है तो प्रदेश में दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

इस प्रकार काम करेगा ये सेंसर
इसके लिए सबसे पहले आई सेंसर लेना पड़ेगा। इसे सर्किट से जोड़ा जाता है। इसमें वाहन चालक को चश्मा पहनना होता है। लंबी दूरी पर चलते समय जब उसकी आंख झपकने लगती है तो आईसेंसर उस अवस्था को पकड़कर सर्किट को जानकारी भेजेगा और सर्किट के माध्यम से बात सायरन तक जाएगी और सायरन तेज गति से बजने लगेगा। जिससे ड्राइवर सचेत हो जाएगा। इसके बड़े मॉडल में एक तरफ स्वीच लगे होते हैं। बीच में आंख की रेटिना का प्रतिरूप जिसके सामने सेंसर लगाना पड़ता है। साइड में वाहन का गियर बॉक्स व टायर तथा लाइटों के माध्यम से इंजन दर्शाया गया है। जैसे ही सेंसर व वाहन को शुरू करते हैं तो आंख के ब्लिंक करने पर वाहन चल
पड़ता है। नींद आने की स्थिति में गाड़ी रुक जाती है और सायरन बजने लगता है। जिससे दुर्घटना से बचा जा सकेगा।

इसलिए किया तैयार
छात्र रिंकू ने बताया कि आए दिन समाचार पत्रों व टीवी चैनलों पर दुर्घटनाओं के समाचार देखने व पढऩे को मिल रहे हैं। प्रदेश में दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए मन में विचार आया कि कोई ऐसा उपकरण हो जिसके माध्यम से दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके बाद छात्रा ने विज्ञान की शिक्षक चित्रेश शर्मा को इस बारे में जानकारी दी। इस पर छात्रा ने अपने मामा व शिक्षक के सहयोग से आई ब्लिंक सेंसर प्रोजेक्ट का निर्माण किया है। उसने बताया कि ये प्रोजेक्ट बहुत ही कारगर साबित होगा।

राज्य स्तर पर होगी सम्मानित
रिंकू कुमार की ओर से तैयार किए गए प्रोजेक्ट के आधार पर उसे राज्य स्तर पर इंस्पायर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।विज्ञान की शिक्षक चित्रेश शर्मा ने बताया कि २२ से २३ जनवरी तक राजकीय महारानी बालिका माध्यमिक विद्यालय में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रिंकू अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेगी।

Published on:
20 Jan 2019 05:00 am