
गिरफ्तार आरोपी का फाइल फोटो: पत्रिका
SOG Arrested Broker Omprakash Kaswan: तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती-2022 में खेल कोटे से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने वाले दलाल ओमप्रकाश कस्वां को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। एसओजी ने यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार महिला अभ्यर्थी बबिता जाखड़ से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर की है।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि बबिता जाखड़ ने पूछताछ में खुलासा किया था कि शिक्षक भर्ती में दो प्रतिशत खेल कोटे से चयन पाने के लिए उसने ओमप्रकाश कस्वां को सात लाख रुपए दिए थे। इसके बदले ओमप्रकाश ने उसे विशाखापट्टनम में आयोजित वर्ष 2016-17 की 'आठवीं नेशनल सीनियर महिला-पुरुष ताइक्वांडो चैंपियनशिप' का फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया था।
एसओजी की जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश ने बबिता से मिले सात लाख रुपए में से पांच लाख रुपए अपने जीजा रामचंद्र को दिए थे। रामचंद्र नागौर जिले के डेह का रहने वाला है। जांच के अनुसार रामचंद्र के जरिए ही बबिता के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार करवाया गया था।
फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार होने के बाद बबिता ने इसे शिक्षक भर्ती में खेल कोटे का लाभ लेने के लिए इस्तेमाल किया। उसने यह दस्तावेज राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में जमा कराया। फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर शिक्षक पद पर चयन हासिल करने का प्रयास किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि बबिता ने खेल कोटे से चयन पाने के लिए दलाल ओमप्रकाश से संपर्क किया था। दोनों के बीच सात लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद ओमप्रकाश ने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
महिला अधिकारिता विभाग से जुड़ी तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 में खेल कोटे के प्रमाण-पत्रों की जांच के दौरान मामला सामने आया था। बबिता से पूछताछ के बाद एसओजी को ओमप्रकाश की भूमिका के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर अब उसे गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
Updated on:
28 Aug 2026 11:57 am
Published on:
28 Aug 2026 11:57 am
