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B.Sc. पढ़कर हॉस्पिटल में नौकरी करने वाला राजस्थान का युवक बना तस्कर, महंगे शौक ने पहुंचा दिया जेल

बीएससी की पढ़ाई और अस्पताल में नौकरी करने वाला रामपाल धतरवाल अधिक पैसा कमाने और महंगे शौक के चलते नशे की तस्करी में उतर गया। ANTF ने उसे 2 किलो 231 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया जिसकी कीमत करीब 67 लाख रुपए बताई है।
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jodhpur crime

गिरफ्तार युवक की फोटो: पत्रिका

Smuggler Arrested: बीएससी की पढ़ाई करने के बाद अस्पताल में नौकरी करने वाला राजस्थान का एक युवक अधिक पैसा कमाने और महंगे शौक पूरे करने के लालच में अपराध की राह पर चला गया। अब वही युवक MD तस्करी के मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने कापरड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कार से 2 किलो 231 ग्राम एमडी बरामद की है। जब्त की गई ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 67 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया है।

ANTF ने कार्रवाई के दौरान रामपाल धतरवाल, निवासी धतरवालों की ढाणी, लोहावट, फलोदी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह MD कहां से लेकर आया था और इसे किसे सप्लाई करने वाला था।

B.Sc. के बाद अस्पताल में करता था नौकरी

जांच में सामने आया है कि आरोपी रामपाल ने B.Sc. की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अस्पताल में काम भी कर चुका है। सामान्य जिंदगी जीने के बावजूद अधिक पैसा कमाने और अपने महंगे शौक पूरे करने की चाहत में वह धीरे-धीरे नशे के कारोबार से जुड़ गया। शुरुआत में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के बाद उसका यह नेटवर्क बढ़ता चला गया। पुलिस के अनुसार रामपाल पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। इसके बावजूद जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा इसी अवैध कारोबार को शुरू कर दिया।

जेल से बाहर आते ही फिर तस्करी में जुटा

पूछताछ में सामने आया कि रामपाल को वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश से डोडा पोस्त लेकर आते समय कोटा के आरके पुरम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में अदालत से सजा मिलने के बाद वह करीब छह साल आठ महीने जेल में रहा। दिसंबर 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद भी उसने तस्करी का रास्ता नहीं छोड़ा।

साल 2025 में उसके एक रिश्तेदार के डोडा पोस्त तस्करी के मामले में पकड़े जाने के बाद जांच में रामपाल का नाम भी सामने आया था। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।