
जापान के लड़ाकू विमान F-2A (फोटो: पत्रिका)
जोधपुर। देश के आसमान में अगले महीने जापान के लड़ाकू विमानों की पहली दस्तक होगी। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के तीन एफ-2-ए लड़ाकू विमान पहली बार भारत आएंगे और जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन और आसपास के हवाई क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेंगे। ‘वीर गार्जियन 26‘ युद्धाभ्यास में जापान के करीब 110 सैन्यकर्मी भी हिस्सा लेंगे। 9 से 21 सितंबर तक होने वाले इस अभ्यास के लिए जापानी विमान करीब 5600 किलोमीटर की दूरी तय कर जोधपुर पहुंचेंगे।
खास बात यह होगी कि ये विमान जापान के सुइकी एयरबेस से उड़ान भरने के बाद ओकिनावा के नाहा एयरबेस और थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। लंबी दूरी की इस तैनाती में अमेरिकी वायुसेना भी हवा में ईंधन भरने सहित अन्य सहायता देगी। जापान के लिए यह सिर्फ भारत में पहला लड़ाकू विमान अभ्यास नहीं, बल्कि इतनी दूर अपनी फाइटर यूनिट को तैनात करने की परिचालन क्षमता को परखने का भी बड़ा मौका होगा। जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास भारत-जापान के बढ़ते सामरिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों की वायु सेनाएं मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों के खिलाफ हवाई युद्ध की रणनीति और ऑपरेशनल तालमेल का अभ्यास करेंगी।
जापान की 8वीं एयर विंग के तीन एफ-2-ए विमान और करीब 110 सैन्यकर्मी जोधपुर आएंगे। यह यूनिट फुकुओका प्रांत के सुइकी एयरबेस पर तैनात है। जापानी वायुसेना के अनुसार भारत आने-जाने सहित पूरी तैनाती एक से 30 सितंबर तक रहेगी, जबकि वास्तविक युद्धाभ्यास 9 से 21 सितंबर तक होगा।
एफ-2-ए विमान सुइकी से ओकिनावा के नाहा एयरबेस और फिर थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। जापान से जोधपुर की सीधी दूरी करीब 5600 किलोमीटर है। लंबी दूरी की तैनाती में विमान के साथ रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सैन्यकर्मियों की आवाजाही भी बड़ी चुनौती होगी। अमरीकी वायुसेना हवा में ईंधन भरने में मदद करेगी।
‘वीर गार्जियन’ का पहला संस्करण जनवरी 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर हुआ था। तब भारत ने चार सुखोई-30 एमकेआई, दो सी-17, एक आईएल-78 और करीब 150 सैन्यकर्मी भेजे थे। जापान की ओर से चार एफ-2 और चार एफ-15 शामिल हुए थे। अब तीन साल बाद अभ्यास की दिशा उलट गई है और जापानी लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं।
सितंबर में जोधपुर एयरबेस पर लगातार बड़े हवाई अभ्यास होंगे। ‘वीर गार्जियन 26’ के बाद बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति 2.0’ का भी आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमानों की गतिविधियां बढ़ेंगी।
भारत और जापान के बीच वायुसेना का ‘वीर गार्जियन’, थलसेना का ‘धर्म गार्जियन’ और नौसेना का ‘जीमेक्स’ प्रमुख संयुक्त अभ्यास हैं। धर्म गार्जियन इस साल मार्च महीने में उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के चौबेटिया हिस्से में हुआ था। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हाल में इन अभ्यासों को और जटिल बनाने, मानव रहित प्रणालियों को शामिल करने और जरूरत पड़ने पर कम समय की सूचना पर संयुक्त अभ्यास करने पर सहमति जताई है।
Updated on:
27 Aug 2026 11:02 am
Published on:
27 Aug 2026 11:02 am
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