
BSF जवान संदीप कुमार सिहाग (Photo-Patrika)
चूरू. देश की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले चूरू जिले के मोलीसर बड़ा निवासी संदीप कुमार सिहाग को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। नक्सल विरोधी अभियान में उनके साहस, वीरता और कुशल नेतृत्व के लिए 15 अगस्त के अवसर पर मिले इस सम्मान से गांव और क्षेत्र में खुशी की अपार लहर है।
संदीप कुमार सिहाग ने साल 2018 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती होकर अपनी सेवा शुरू की। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में 94वीं बटालियन की कमांडो टीम में की गई। इसके बाद उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में जिम्मेदारी संभाली और अपनी ड्यूटी निभाई।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने बताया कि 16 अप्रेल 2024 को छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। अभियान में बीएसएफ कमांडो टीम के 20 जवान शामिल थे। इसी दौरान माओवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई। लगातार कठिन परिस्थितियों के बीच संदीप सिहाग ने मजबूत मनोबल के साथ टीम का नेतृत्व किया और अभियान को निर्णायक सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान में 29 नक्सलियों के मारे जाने तथा बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की जानकारी दी गई।
संदीप सिहाग की वीरता और कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीरता पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मिलने के बाद संदीप ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय खुद लेने के बजाय पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि यह वीरता पदक उनकी टीम के हर उस साथी को समर्पित है, जिसने मुश्किल परिस्थितियों में साहस और पूरी लगन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
संदीप की वीरता और उन्हें मिले वीरता पदक की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर गांव के लोग भी गर्व महसूस कर रहे हैं। देश की सुरक्षा में योगदान देने और वीरता पदक हासिल करने से संदीप ने अपने परिवार का मान बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने मोलीसर बड़ा और पूरे चूरू जिले को भी गौरवान्वित किया है।
Updated on:
24 Aug 2026 04:48 pm
Published on:
24 Aug 2026 04:48 pm
