
सादुलपुर. भगेला गांव निवासी तथा बॉक्सिंग की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मेरीकॉम के कोच अनूप सहारण किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उन्होंने जीवन भर कमाई की और होनहार खिलाडिय़ों को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए द्रोणाचार्य नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी की स्थापना कर डाली।
कोच अनूप सहारण ने बताया कि एकेडमी में जरुरतमंद खिलाडिय़ों को निशुल्क ट्रेनिंग देकर उनको आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। सहारण ने एकेडमी में खिलाडिय़ों के लिए अपना निजी खर्च पर एक कोच की व्यवस्था कर रखी है। सहारण का जन्म 21 जून 1955 को भगेला निवासी रामरतन सहारण के घर हुआ।
विश्व मुक्केबाजी प्रतिस्पर्धा में चार बार कोच के रूप में महिला चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाया। एमसी मेरीकॉम के मुख्य कोच के रूप में वर्ष 2004 में द्रोणाचार्य अवार्ड से तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें सम्मानित किया। 1987 में भारतीय खेल प्राधिकरण में नौकरी ज्वाइन की। 1990 से 2000 तक नेशनल स्टेडियम नई दिल्ली में खिलाड़ी तैयार किए। इंडियन बॉक्सिंग फैडरेशन ने सहारण को भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम का चीफ कोच नियुक्त किया।
अब तक तैयार खिलाड़ी
अनूप कुमार की ओर से अब तक तैयार खिलाडिय़ों में मुख्य रूप से एमसी मेरिकॉम, एल सरिता, एन उषा, लखाकेशी, कविता, कल्पना चौधरी, अरूण मिश्रा, ज्योतसन्ना, कर्मजीत, सोनिया लाठर, अवस्थी मौल, पिंकी जांगड़ा, मीना रानी, प्रियंका चौधरी, पवित्रा आदि महिला खिलाडिय़ों को बॉक्सर के रूप में तैयार किया। इन खिलाडिय़ों ने विश्व एवं एशियन प्रतियोगिता में पदक भी जीते हैं।
चीफ कोच रहते हुए उनके खिलाडिय़ों ने बैंकांग, हेंगरी, चीन, टर्की, इटली, रूस, ड्रेनमार्क, कनाडा, मंगोलिया, इग्लैंड में हुई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। विधायक मनोज न्यांगली ने एकेडमी का निरीक्षण कर कोच को सहयोग का आश्वासन दिया है।