चूरू

व्यावसायिक प्रशिक्षकों को एक वर्ष से नहीं मिला भुगतान, अब हटाने की तैयारी

राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यामिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने वाले शिक्षा प्रशिक्षण प्रदाता को चूरू जिले सहित राज्यभर में हटाने की कवायद शुरू कर दी है।
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Feb 21, 2019
churu news
व्यावसायिक प्रशिक्षकों को एक वर्ष से नहीं मिला भुगतान, अब हटाने की तैयारी

सुजानगढ़. राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यामिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने वाले शिक्षा प्रशिक्षण प्रदाता को चूरू जिले सहित राज्यभर में हटाने की कवायद शुरू कर दी है। इससे इनकी नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यही नहीं इन प्रशिक्षकों को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में ये आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार चूरू के 9 स्कूलों सहित राज्य के 905 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई करवाई जा रही है। लेकिन राज्य सरकार ने चूरू जिले के 18 सहित राज्य के 18 10 शिक्षा प्रशिक्षण प्रदाता को 28 फरवरी के बाद हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक डा. नरेन्द्रकुमार गुप्ता ने इस सम्बन्ध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान को कार्रवाई के लिए पाबंद किया है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आदेश जारी किए हंै कि सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षकों को 28 फरवरी के बाद समायोजित नहीं करना है। इनको 31 दिसम्बर तक लगाया था लेकिन कोर्स पूरा नहीं होने की वजह से अब तक यह काम कर रहे थे। अब परिषद ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को फरवरी माह में व्यावसाियक शिक्षा विषयों का पाठ्यक्रम पूरा करवाने के निर्देशित किया है। परिषद के इस आदेश से प्रदेश के 905 सरकारी स्कूलो में दो हजार प्रशिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे।

जानिए कहां कितने विद्यार्थी

- रूकमणीदेवी चौधरी राउमा स्कूल, घंटेल 149
- भगवानदेवी भुवालका राउमावि रतनगढ़ 156
- धापूदेवी चौरडिय़ा राबाउमावि, बीदासर 141
- रा आदर्श उमावि, भालेरी 1४६
- राउमा मोहता स्कूल राजगढ़ १६२
- रा. आदर्श उमावि, साखूं फोर्ट 176
- यूनियन क्लब राउमावि राजलदेसर १७०
- टांटिया उमाबावि, सरदारशहर 99
- राउमावि, राजगढ़ 76


यह कोर्स व्यावसायिक शिक्षा में
जहां पर स्कूल में दो-दो कोर्स तथा ऑटोमोबाइल हेल्थ केयर, ब्यूटी एण्ड वैलनेस, रिटेल, सिक्योरिटी टेलीकॉम, इनफोरमेशन टेक्नॉलोजी, इलेक्ट्रोनिक्स और इलेक्ट्रीशियन, माइक्रो एग्रीगेशन आदि ट्रेड में प्रशिक्षक कार्यरत थे। इन प्रशिक्षकों एक वर्ष से भुगतान भी बकाया चल रहा है। उनकी नौकरी पर भी संकट बना हुआ है।

इनका कहना है

&-कुछ सैट कम रह गए, स्थानीय व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। चूरू जिले में 18 विषय प्रशिक्षक कम्पनी के माध्यम से हंै। जिनके भुगतान होने या न होने की जानकारी नहीं है क्योंकि कम्पनी का अनुबन्ध जयपुर स्तर पर है। इन्हे 28 फरवरी से हटाने के निर्देश मिले हैं क्योंकि अनुबन्ध इतना ही है।
गोविन्दसिंह एडीपीसी, शिक्षा विभाग चूरू

&-जितने सैट व्यावसायिक शिक्षा के कम आए, फोटो स्टेट कराकर काम चला रहे हैं।
सरोजकुमारी प्रधानाचार्या, धापूदेवी चौरडिय़ा राबाउमावि, बीदासर।

&-मुझे व मेरे सहयोगी को यहां एक वर्ष से भुगतान नहीं मिला है व अब कार्यमुक्त करने के नए आदेशों ने चिंता में डाल दिया है।
केशरीचन्द प्रजापत, व्यावसायिक शिक्षक प्रशिक्षक, धापूदेवी चौरडिय़ा राबाउमावि, बीदासर।

Published on:
21 Feb 2019 02:50 pm