चूरू में चुनाव नतीजे ये भी तय करेंगे कि चूरू सीट क्या भाजपा का गढ़ बना रहेगा, या कस्वां परिवार की पकड़ कायम रहेगी।
जयपुर। लोकसभा चुनाव में राजस्थान की 'सुपर हॉट सीट' चूरू में मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प है। 4 जून को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे, लेकिन उससे पहले दोनों प्रमुख प्रतिद्वंदी उम्मीदवार, राहुल कस्वां (कांग्रेस) और देवेंद्र झाझड़िया (भाजपा), अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
वैसे चूरू लोकसभा सीट का एक दिलचस्प पहलू ये है कि यहां पर पिछले लगातार पांच चुनाव भाजपा ही जीत रही है और लगातार पांच बार से कस्वां परिवार का ही कब्जा रहा है। लेकिन इस बार वर्तमान सांसद राहुल कस्वां भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पाला बदलकर कांग्रेस उम्मीदवार हैं। ऐसे में इस बार के चुनाव नतीजे ये भी तय करेंगे कि चूरू सीट क्या भाजपा का गढ़ बना रहेगा, या कस्वां परिवार की पकड़ कायम रहेगी।
चूरू लोकसभा सीट भाजपा का ही गढ़ कहा जाता रहा है। यहां पर रामसिंह कस्वा चार बार जीते हैं। इसके बाद इनके बेटे वर्तमान सांसद राहुल कस्वां ने यह विरासत संभाली। वे दो बार से लगातार यहां से सांसद रहे। ऐसे में यहां से कुल मिलाकर 6 बार भाजपा ही जीती और छहों बार कस्वां परिवार के सदस्य ही संसद तक पहुंचे।
चूरू लोकसभा क्षेत्र में पहले चरण में 19 अप्रेल को मतदान हुआ था। इस लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा क्षेत्र लगते हैं। इनमें से दो हनुमानगढ़ जिले में और चूरू जिले में छह विधानसभा क्षेत्र लगते हैं। वर्तमान राजनीतिक हालातों की बात करें तो विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस मजबूत नजर आ रही है। यहां की 8 विधानसभा क्षेत्रों में से कांग्रेस का पांच पर कब्जा है, वहीं भाजपा के दो विधायक हैं। एक सीट पर बसपा जीती है।
- 6 बार यहां से भाजपा ने किया कब्जा
- 6 बार ही कस्वां परिवार का ही रहा कब्जा
- 1977 के चुनाव से अस्तित्व में आई चूरू लोकसभा सीट
- 12 चुनाव हुए हैं अब तक
- 6 बार भाजपा, 3 बार कांग्रेस, 2 बार जनता पार्टी और 1 बार जनता दल जीता
विधानसभा क्षेत्र---विधायक---पार्टी
नोहर अमित चाचाण कांग्रेस भादरा -- संजीव बेनीवाल -- बीजेपी
सादुलपुर -- मनोज कुमार -- बसपा
तारानगर -- नरेंद्र बुडानिया -- कांग्रेस
सरदार शहर -- अनिल कुमार शर्मा -- कांग्रेस
चूरू -- हरलाल सहारण -- बीजेपी
रतनगढ़ -- पूसाराम गोदारा -- कांग्रेस
सुजानगढ़ -- मनोज मेघवाल -- कांग्रेस
वर्ष सदस्य दल
1977 दौलत राम सारण जनता पार्टी
1980 दौलत राम सारण जनता पार्टी (सेक्युलर)
1984 मोहर सिंह राठौड़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989 दौलत राम सारण जनता दल
1991 राम सिंह कस्वां भारतीय जनता पार्टी
1996 नरेंद्र बुडानिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1998 नरेंद्र बुडानिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1999 राम सिंह कस्वां भारतीय जनता पार्टी
2004 राम सिंह कस्वां भारतीय जनता पाटी
2009 राम सिंह कस्वां भारतीय जनता पाटी
2014 राहुल कस्वां भारतीय जनता पार्टी
2019 राहुल कस्वां भारतीय जनता पार्टी
(1977 तक निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में नहीं था।)
पिछले चुनावों का चुनाव परिणाम
दल -- उम्मीदवार -- वोट -- प्रतिशत
(वर्ष-2019)
बीजेपी -- राहुल कस्वां -- 792,999 -- 59.69
कांग्रेस -- रफीक मंडेलिया -- 4,58,597 -- 34.52
(वर्ष-2014)
बीजेपी -- राहुल कस्वां -- 5,95,756 -- 52.67
बसपा -- अभिनेष महर्षि -- 3,01,017 26.61
कांग्रेस -- प्रताप सिंह -- 1,76,912 15.64
(वर्ष-2009)
बीजेपी -- राम सिंह कस्वां -- 3,76,708 -- 46.94
कांग्रेस -- रफीक मंडेलिया --3,64,268 -- 45.39
(वर्ष-2004)
बीजेपी -- राम सिंह कस्वां -- 400,718 -- 48.05
कांग्रेस -- बलराम जाखड़ -- 370,864 -- 44.47