स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब उद्घाटन से पहले ही शिलालेख पट को तोड़ दिया गया। उस वक्त मुख्य अतिथि विधायक सहारण मंच से शिलालेख की ओर बढ़ रहे थे और सामने खड़े कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे।
सुजानगढ़ . शहर के एन. के. लोहिया स्टेडियम में बुधवार रात आयोजित रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्धाटन और स्टेडियम की चारदीवारी के शिलान्यास कार्यक्रम से पहले माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चूरू विधायक हरलालसहारण को आमंत्रित किया गया था, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कांग्रेस जनों का कहना था कि सुजानगढ़ के विधायक मनोज मेघवाल हैं और वरिष्ठ नेता होने के नाते उन्हें ही मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। इसी बात को लेकर कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब उद्घाटन से पहले ही शिलालेख पट को तोड़ दिया गया। उस वक्त मुख्य अतिथि विधायक सहारण मंच से शिलालेख की ओर बढ़ रहे थे और सामने खड़े कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। शिलालेख किसने तोड़ा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, नारेबाजी और तीखी नोक झोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ी। घटना के दौरान डीएसपी दरजाराम मौके पर मौजूद रहे और लोगों को समझाने का प्रयास करते नजर आए। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी भी की गई, जिसमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को काबू में कर लिया है।
सहारण ने बताई ओछी हरकत
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर गए विधायक हरलालसहारण ने बिना किसी का नाम लिए शिलालेख पट्ट को तोड़ने को ओछी हरकत बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी हरकतें करना शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि मैं रात्रिकालीन किक्रेट मैच का उद्घाटन करने गया था। खेल में राजनीति नहीं घुसानी चाहिए। खिलाडि़यों से यही कहूंगा कि मन लगाकर खेलें और आगे बढ़ें।
काम पूरा होने से पहले उद्घाटन करने की क्या जरूरत
इस संबंध में निवर्तमान उपसभापति और कांग्रेस नेता अमित मारोठिया ने कहा कि उद्घाटन और शिलान्यास का अधिकार जनप्रतिनिधि को है। नगर परिषद कार्यकारी एजेंसी है, लेकिन उनकी ओर से कहा गया कि हमारी तरफ से यहां कोई कार्यक्रम नहीं है। रातों-रात पत्थर लगाकर उद्घाटन क्यों करना था। अभी तक इस स्टेडियम का काम ही पूरा नहीं हुआ है, हम किसी भी हालत में इसका उद्घाटन नहीं करने देंगे।
सहारण के पहुंचने से पहले विरोध
क्रिकेट मैच और चार दीवारी के शिलान्यास से पहले ही कांग्रेस से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने शिलालेख के सामने खड़े होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व निवर्तमान उपसभापति अमित मारोठिया, पूर्व पार्षद इकबाल खान, सलीम खान सहित 8-10 पार्षदों और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया। इस दौरान शिलालेख पर क्षेत्रीय विधायक मनोज मेघवाल और निवर्तमान सभापति नीलोफर गोरी का नाम नहीं होने पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
प्रदर्शनकारियों के प्रवक्ता मास्टर दाउद अली काजी ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम शिलालेख में शामिल न करना अनुचित है। वहीं, इकबाल खान ने निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि स्टेडियम की चारदीवारी अभी अधूरी है और इसे नगर परिषद को सौंपा भी नहीं गया है, ऐसे में उद्घाटन करना “हास्यास्पद” है। मौके पर सुरक्षा के मद्देनज़र डीएसपी दरजाराम, थाना अधिकारी विनोद कुमार और तहसीलदार गिरधारी लाल पारीक सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शिलालेख पर चूरू विधायक हरलालसहारण और पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल के नाम अंकित हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक विवाद और गहरा गया।
इनका कहना
एसडीएम व नगर परिषद आयुक्त को शिलालेख के बारे में पता ही नहीं है और ना ही यह कोई सरकारी कार्यक्रम है। ऐसे में शिलालेख किसने लगाया यह जांच का विषय हो सकता है। लेकिन इसे सही सिस्टम नहीं कह सकते, इसलिए विरोध होना वाजिब है और विरोध को दबाना या लाठी चलाना, यह गलत बात है। मनोज मेघवाल, विधायक सुजानगढ़