
चूरू. शहर के चर्चित महेंद्र गोदारा हत्या कांड के मुख्य ईनामी आरोपी हिस्ट्रीशीटर रामस्वरूप जाट व गत दिनों जयपुर रोड पर फायरिंग करने के आरोपी कुलदीप बाजिया को पुलिस ने शुक्रवार देर रात को जयपुर जिले के बगरू कस्बे से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को चूरू एएसपी प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम गिरफ्तार कर चूरू लेकर पहुंची। शनिवार को प्रेसवार्ता में एसपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि बणी का बास निवासी रामस्वरूप जाट महेंद्र गोदारा हत्याकांड का अभियुक्त है। फकीरपुरा थाना सदर जिला सीकर निवासी कुलदीप बाजिया गत दिनों कमल रामसरा पर फायरिंग मामले में वांछित चल रहा था। दोनों आरोपियों पर चूरू पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपए का ईनाम भी घोषित कर रखा था। रामस्वरूप जाट बीकानेर रेंज में 10 सर्वाधिक सक्रिय वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है। कुलदीप बाजिया सीकर व चूरू के कई थानों में वांछित चल रहा है। पुलिस अब इन दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। इसमें कई मामले और खुलने की संभावना है। पूछताछ के बाद इनसे इनके हथियार बरामद किए जाएंगे। पुलिस अब इनके फरारी काटने के स्थानों की जांच में जुटी है।
कड़वासर में की थी महेंद्र की हत्या
पुलिस के मुताबिक महेंद्र गोदारा ने 17 जून २०१७ को अपने सहयोगी श्रवणकुमार उर्फ सूर्यप्रकाश निवासी गाजसर सहित अन्य के साथ मिलकर पुलिस थाना कोतवाली के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गोदारा की कड़वासर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस प्रकरण में फतेहपुर निवासी अजय रिणवा, बीदासर निवासी सरजीत, तिलोका का बास निवी मंदीप उर्फ मंदिया गिरफ्तार हुए थे। रामस्वरूप व श्रवण घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। इन पर पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। दूधवाखारा थाने के हिस्ट्रीशीटर रामस्वरूप पर थाना कोतवाली चूरू, सदर चूरू, दूधवाखारा, भालेरी, सदर झुंझुनूं में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कुलदीप ने की थी शराब कारोबारी पर फायरिंग
गिरफ्तार आरोपी कुलदीप बाजिया ने गत 18 मार्च को अपने साथी खालिद राणासर सहित अन्य के साथ मिलकर शराब कारोबारी कमल रामसरा पर फायरिंग की थी। बाद में २८ मार्च को कुलदीप ने रामस्वरूप जाट व अन्य साथियों के साथ मिलकर कमल पर दुबारा फायरिंग की थी। दोनों घटनाओं में लिप्त खालिद व मनीष को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित है। कुलदीप के विरुद्ध दूधवाखारा, कोतवाली, सदर चूरू में पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
रामस्वरूप दे चुका इन वारदातों को अंजाम
-13 मार्च २०१४ को गांव रामपुरा रेणु (ताल) में अपने साथी गांव घंटेल निवासी विक्रमसिंह के साथ मिलकर गोपालसिंह के साथ सरियों व पाइप से मारपीट की।
-०९ अगस्त २०१४ को गांव गाजसर में अपने साथी श्रवण कुमार के साथ मिलकर भंवरलाल जाट से मारपीट की।
-०९ दिसंबर २०१४ को अभियुक्त रामस्वरूप, विक्रम सिंह, रणवीर सिंह, फरियाद, आबिद खान ने गांव श्यामपुरा निवासी शीशपाल पर जानलेवा हमला कर मारपीट की।
-11 अप्रेल २०१५ को रामस्वरूप जाट गुट व महेंद्र गोदारा गुट ने चूरू में लोहिया कॉलेज के पास जान से मारने की नीयत से एक-दूसरे पर फायरिंग की व गाड़ी को टक्कर मारी।
-27 अप्रेल २०१५ को रामस्वरूप ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव घांघू में स्थित विद्याधर जाट की शराब की दुकान पर तोडफ़ोड़ व फायरिंग की और एक लाख ९० हजार रुपए लूट लिए।
-17 नवंबर २०१५ को अपने साथियों के साथ मिलकर सुशील सैनी के साथ मारपीट की थी।
-19 नवंबर 2015 को श्यामपुरा निवासी शीशपाल के साथ उसकी दुकान में घुसकर मारपीट की।
-31 दिसंबर २०१६ को नवलगढ़ निवासी प्रवीण रोलन, झेरली निवासी संदीप कुमार, बीदासर निवासी सरजीत, बसावा निवासी राजेश कुमार के साथ मिलकर झुंझुनूं निवासी विकास कुमार उर्फ बंटी पर फायरिंग की।
-२८ मार्च २०१९ को चूरू-जयपुर रोड स्थित एक होटल के पास कमल कुमार पर फायरिंग की।
ये पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत
एसपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी में सदर थानाधिकारी रामनारायण, वीरेंद्र सिंह सदर थाना, सरजीत सिंह सदर थाना चूरू, सत्यवान महिला थाना चूरू, राकेश कोतवाली थाना चूरू, रमाकांत, सुरेंद सिंह की भूमिका अहम रही। इसके लिए पुलिस महकमे की ओर से इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।