चूरू. जब भी 1971 के भारत-पाक युद्ध और फिल्म ‘बॉर्डर’ का जिक्र होता है, तो शौर्य, बलिदान और लोंगेवाला की वीरगाथा आंखों के सामने तैरने लगती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस ऐतिहासिक कहानी से जुड़ा एक गांव चूरू जिले में भी है। जिला मुख्यालय से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित थैलासर न केवल वीरों की धरती रहा है, बल्कि यहां सदियों से सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था की अनूठी मिसाल भी कायम है।