
चूरू.
भाजपा सरकार ने 2018 में गरीब किसानों को राहत देने के लिए ऋण माफी की घोषणा की थी। लेकिन इस ऋण माफी की बहती गंगा में जिले के आठ सौ से अधिक सरकारी कर्मचारी व पेंशनर अपात्र होते हुए भी हाजरों-हजारों रुपए कृषि ऋण चुकताकर ऋण से उरिण हो। नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले गुरुजी हों देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक तथा अन्य विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मचारी जिसकों जहां मौका मिला वहां ऋण माफी का लाभ लिया। मोटी तनख्वाह व पेंशन लेने वाले इन महानुभाओं को थोड़ी भी शर्म नहीं आई कि वे देश के साथ कितना बड़ा अन्याय कर रहे हैं। झूंठा शपथ पत्र देकर बैंक कर्मचारियों को गुमराह किया और झूंठी शपथ लेकर गलत लाभ लिया। लेकिन राजस्थान पत्रिका ने जब इस भ्रष्टाचार को उजागर किया तो बैंक प्रबंधन की आंख खुल गई। इसकी जांच कराई तो हकीकत सामने आ गई। राजस्थान पत्रिका की बदौलत सरकार का करोड़ों रुपए बच गया।
जानिए कहां कितने कर्मचारी लाभ की श्रेणी में शामिल
- सालासर में 32, बीदासर क्षेत्र में 46, इन्द्रपुरा में ६६, जसरासर- लाखाऊ में 44, नाकरासर-जोड़ी-लोहसना बड़ा में 71, खासोली-धीरासर में 41, बीनासर-बूंटिया में 38, रीबिया-पीथीसर में 22, दूधवा-झारिया में 37, देपालसर-खींवासर-चलकोई में 47, सहजूसर में 44, घांघू, घंटेल, सातड़ा, खंडवा न्यांगल छोटी में 25 सरकारी कर्मचारियों ने गलत लाभ लिया। इसी प्रकार न्यांगल छोटी में दो, तारानगर के आनंदसिंहपुरा में 12, कोहिड़ा-खरतवासिया-नेठवा-पूनरास में 24, मोरथल-साहवा-सोमसीसर में 29, सात्यूं में 41, कालवास में 25, ढाणी कुम्माराहन में 07, धीरवावास-रेड़ी व बूचावास में 37, रैयाटुंडा-रामपुरा-झाड़सर में 31, मेघसर-मिखाला-पंडरेऊताल, ढाणा भाकरान में 53 कर्मचारियों ने लाभ उठाया। वहीं राजगढ़ के भुवाड़ी-ददेरवा-कामा में 25, लंबोर-महलाना-राघाबड़ी-रामपुरा-सांखू में 26 कर्मचारियों व पेंशनरों ने गलत तरीके से लाभ की श्रेणी में शामिल किया।
जानिए कहां कितने अन्य अपात्रों ने लाभ लिया
- सालासर में 22, सूरतपुरा में 13, थिरपाली व सांखणताल में 10
यहां इतने गलत डाटा फीड कर ऋण माफी का लाभ दिलाया
- सिधमुख बैंक के अधीन व्यवस्थापक ने न्यागल छोटी में 335 गलत लाभार्थियों का डाटा फीड कर ऋण माफी का लाभ दिलाया
- चैनपुरा बड़ा जीएसएस में 335 लोगों का गलत डाटा फीड कर लाभ दिलाया गया
- चैनपुरा छोटा में 55 गलत बैलेंस दिखाकर लाभ लिया
- रामसराताल में 197 लोगों की गलत डाटा एंट्री कर ऋण माफी का लाभ दिलाया
- भगेला में 23 गलत लाभार्थियों की एंट्री दिखाकर लाभ उठाया
यहां गलत अधार लगाकर लाभ उठाया
आनंदनसिंह पुरा में 65, खतरवासिया व नेठवा में 36, पूनरास-मोरथल-साहवा-सोमसीसर-बांय में 119 लोगों के खातों में गलत आधार लागकर लाभ लिया गया।
जानिए किस बैंक के अधीन कितने अपात्रों ने लाभ उठाए
-सालासर सीसीबी शाखा के अधीन 82
-बीदासर सीसीबी शाखा के अधीन 339
-चूरू सीसीबी शाखा के अधीन 551
-सिधमुख सीसीबी शाखा के अधीन 1110
-सुजानगढ़ सीसीबी शाखा के अधीन 68
-तारानगर सीसीबी शाखा के अधीन 682
गलत शपथ पत्र हो सकती है जेल व आर्थिक सजा
गलत शपथ पत्र पेश करने पर आईपीसी की धारा 193 के तहत संबंधित व्यक्ति के खिालफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। चूरू बारसंघ के एडवोकेट महेश प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि इसके तहत आरोपी को एक से तीन साल तक कारावास व आर्थिक जुर्माने की सजा से दंडित किया जा सकता है। लेकिन अभी भी बैंक प्रबंधन इतने लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का विचार नहीं बना रहा है। चूंकि इतने केस लडऩा बड़ा मुश्किल काम बताया जा रहा है। अब देखने वाली बात है यह कि सरकार इनके खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।
दी चूरू सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की संरचना
जिले में दी चूरू सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की कुल नौ बैंक शाखाएं हैं। चूरू, राजगढ़, सिधमुख, तारानगर, बीदासर, रतनगढ़, सालासर, सुजानगढ़, सरदारशहर में बैंक की शाखाएं हैं। इनके अधीन जिले में कुल १८२ ग्राम सेवा सहकारी समितियां कार्यरत हैं जिसमें 1.35 लाख सदस्य हैं। वर्तमान में बैंक में 70 हजार ऋणी कृषक हैं। जिनकी ऋण माफी में व्यवस्थापकों ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। चूंकि लेन-देन का सारा काम सोसायटियों के व्यवस्थापक ही देखते हैं। सारा रिकॉर्ड उन्हीं के पास होता है। बैंक केवल समितियों को ऋण की राशि उपलब्ध कराती है और सूचियों का सत्यापन करती है। ज्ञातव्य हो कि अभी रतनगढ़ व सरदारशहर की रिपोर्ट आनी बाकी है। ऐसे में गलत लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
सभी अपात्रों की ऋण माफी होगी निरस्त
चूरू, राजगढ़, तारानगर, बीदासर व सुजानगढ़ तहसली की रिपोर्ट आ गई है। जितने भी अपात्र लाभार्थी हैं चाहे वे कृषक हों या सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनर सभी की ऋण माफी रिरस्त की जाएगी। विभाग की तरफ ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई के आदेश मिलेंगे तो वह भी की जाएगी। अभी जांच जारी है।
शेरसिंह, प्रबंध निदेशक, दी चूरू सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चूरू