ढाणा गांव में गत तीन माह से ग्रामीण प्रचंड गर्र्मीं में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को सुबह सादुलपुर-भादरा राज्य राजमार्ग पर जाम लगाकर मटका फोड़ प्रदर्शन किया।
सादुलपुर. ढाणा गांव में गत तीन माह से ग्रामीण प्रचंड गर्र्मीं में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को सुबह सादुलपुर-भादरा राज्य राजमार्ग पर जाम लगाकर मटका फोड़ प्रदर्शन किया। लगभग आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने आम राहगीरों की समस्याओं को देखते हुए रास्ते को खोल दिया। प्रदर्शन में गांव के सोमवीर पूनिया, मांगेराम, हेमराज, राजेश, बलदेव, लीलूराम, पुरखाराम, विनोद, विमला, राजबाला, धनपति, केलापति, सावित्री आदि ने बताया कि तीन माह पूर्व गांव में पानी की किल्लत प्रारंभ हुई थी। तब विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया तो उन्होंने नहर बंदी का बहाना बनाकर समस्या को लटकाए रखा। इस पर ग्रामीणों ने आंदोलन व मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी तो कुछ दिनों के लिए पानी की आपूर्ति सही की गई। मगर गत २० दिनों से पुन: भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव में लगे सार्वजनिक नलों पर छोड़े जाने वाला पानी बहुत ही कम प्रेशर से आने के कारण मात्र पूरे समय में तीन से चार मटके पानी ही भरा जाता है। बाकी लाइन में लगे अन्य लोग निराश होकर बिना पानी हीं लौटते हैं। गत तीन माह से बनी सार्वजनिक पानी की खेळ भी सूखी पड़ी होने के कारण पशुओं को पीने के पानी के लिए भी इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। जिस कारण ग्रामीण व पशु समय पर पानी के पैसे अदा करने के बावजूद भी प्यासे मरने को मजबूर हैं। अगर शीघ्र ही समस्या का निदान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को उग्र करेंगे।
मंगलवार को फिर करेंगे विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों ने कहा कि आज तो मात्र सांकेतिक प्रदर्शन कर विभाग एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाया है। अगर मंगलवार को तक गांव में पानी की सुचारू एवं पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई तो मंगलवार से पुन: सड़क जाम कर एवं विरोध प्रदर्शन कर विभाग एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करेंगे।