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Weather Update : मेघों का सुर-ताल और बारिश की बौछार, सिधमुख में 28 मिमी दर्ज

इन दिलो विक्षोभ के प्रभाव से हुई हल्की बारिश से हालांकि रबी में गेंहू की फसल ज्यादा प्रभावित हुई, जो किसानों के लिए चिंता का कारण भी बनी लेकिन खरीफ की दृष्टि से इसे लाभदायक माना गया। हालांकि अभी जहां खरीफ सीजन शुरू नहीं हुआ वहीं मानसून आने में भी देरी है लेकिन साठी फसल की दृष्टि से किसान इस बारिश को फयदेमंद मान रहे हैं।

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चूरू. नव संवत्सर चैत्र शुक्ल पक्ष में मौसम में रहे निरंतर बदलाव का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। वैशाख प्रतिपदा की पहली सुबह बारिश से भीगी और चली हवाओं से मौसम खुशनुमा बना। सिक्रय हुए पश्चिमी विक्षोभ का चूरू में व्यापक असर रहा, पूर्णिमा की चांदनी रात से अंचल में कहीं कहीं ओले गिरे तो कुछेक जगहों पर बूंदाबांदी हुई और सुबह चूरू में हल्की बारिश हुई। चूरू जिले में रात से लेकर सुबह तक प्राय तहसीलों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं कहीं मध्यम बारिश हुई। जिसमें सर्वाधिक बारिश सिधमुख में दर्ज की गई।

खरीफ के लिए लाभदायक
इन दिलो विक्षोभ के प्रभाव से हुई हल्की बारिश से हालांकि रबी में गेंहू की फसल ज्यादा प्रभावित हुई, जो किसानों के लिए चिंता का कारण भी बनी लेकिन खरीफ की दृष्टि से इसे लाभदायक माना गया। हालांकि अभी जहां खरीफ सीजन शुरू नहीं हुआ वहीं मानसून आने में भी देरी है लेकिन साठी फसल की दृष्टि से किसान इस बारिश को फयदेमंद मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि जहां रबी फसल की कटाई हो चुकी है और वहां यदि बारिश ठीक ठाक हुई तो साठी बाजरा और दलहन की बुवाई की जा सकती है। किसान रामकुमार ने बताया कि वैशाख में यदि बारिश ठीक हुई हो तो साठ दिनों की फसल में बाजरा और मूंग की बुवाई की जा सकती है। रतनपुरा के किसान मांगेराम का कहना है कि उनके गांव में रबी फसल की कटाई का कार्य पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि हालांकि खरीफ में अभी समय है, अभी फसल की बुवाई करना जोखिम भरा कार्य है लेकिन जहां अच्छी बारिश हुई है वहां देसी बाजरी और मोठ की बुवाई की जा सकती है।

जिले में सुबह तक हुई कुल 42 मिमी.बारिश
जिले की प्राय तहसीलों में कही हल्की, कहीं मध्यम तो कहीं कहीं बूंदाबांदी हुई जिसके क्रम में शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक जिले में कुल 42 मिमीं बारिश दर्ज की गई। चूरू में सुबह 2 मिमीं बारिश दर्ज की गई। सिधमुख में 28, राजगढ़ में 6, तारानगर और राजलदेसर में 2-2 मिमी., सरदारशहर, रतनगढ़, सुजानगढ़ में 1-1 मिमीं बारिश दर्ज की गई।

यलो से ओरेंज अलर्ट तक
मौसम केंद्र के अनुसार 3 अप्रैल को चूरू में मौसम यलो से लेकर ओरेंज अलर्ट पर रहा। रात के बाद शुक्रवार सुबह 5.50 बजे चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित बीकानेर संभाग में मौसम का यलो अलर्ट पर रहे। सुबह 8.50 बजे ये क्षेत्र यलो अलर्ट पर रहे। दोपहर 3.50 बजे झुंझुनूं सीकर यलो तथा चूरू ओरेंज अलर्ट (Orange Alert) पर रहा।

मौसम अपडेट
मौसम केंद्र के अनुसार 4 अप्रेल को शेखावाटी क्षेत्र सहित जयपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभागों के कुछ जिलों में तेज आंधी तथा कहीं कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। 5-6 अप्रेल को आंधी बारिश की गतिविधियों कुछ कमी आने तथा 7 अप्रेल को फिर एक मजबूत विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

कस्बे में हल्की बरसात का दौर
बीदासर. कस्बे में शुक्रवार को प्रात: 5.30 बजे के बाद हल्की बरसात हुई। फिर दिन में कई बार रुक रुक कर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। हल्की बरसात से मौसम में ठंडक घुल जाने से मौसम सुहावना हो गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे।

बूंदाबांदी और तेज हवाओं से बढ़ी ठंडक, किसानों की चिंता बढ़ी
सुजानगढ़. क्षेत्र में शुक्रवार को सुबह से शाम तक रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से मौसम सुहावना तो हुआ, लेकिन तेज हवाओं ने सर्द को और कड़क बना दिया। दिनभर घनघोर बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल सकी, वहीं आकाशीय गर्जना ने लोगों को सहमा दिया। इस मौसम परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। गांवों में गेहूं और ईसबगोल की कटी फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। जीली गांव के पूर्व सरपंच गोपाल बीडासरा के अनुसार पिछले दो दिनों से हल्की बूंदाबांदी जारी है, जिससे खेतों में पड़ी फसल प्रभावित हो रही है। मून्दड़ा गांव के किसान कैलाश दायमा ने बताया कि उनकी 20 बीघा में खड़ी ईसबगोल फसल को बूंदाबांदी और आंधी के कारण करीब 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है। उन्होंने आशंका जताई कि गांव में 300 से अधिक किसानों की 2 से 3 हजार बीघा में फैली ईसबगोल फसल को भी नुकसान हो सकता है। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन किसानों की, जिनकी फसल कटाई के बाद खेतों में ही पड़ी है।

रतनगढ़ में बारिश, सरदारशहर में तुफानी हवाओं के साथ गिरे ओले

रतनगढ़. क्षेत्र में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से मौसम खुशनुमा बन गया। बरसात के साथ ही बिजली बन्द हो जाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह क्षेत्र में हल्की बारिश हुई और दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश का दौर फिर शुरू हुआ। दौरान तेज हवाएं चलने से जनजीवन प्रभावित हुआ। बरसात के कारण शहर के कई स्थानों पर हमेशा की तरह पानी एकत्रित हो गया, जिससे वाहन चालक एवं राहगीर काफी परेशान हुए।

तुफानी हवा के साथ बरसे बादल
सरदारशहर. क्षेत्र में शुक्रवार को आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने कई खेतों में खड़ी और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया। भानीपुरा क्षेत्र के कई गांवों के खेतों में कटी फसलें प्रभावित हुई। जहां ओलों की मार से फसलों की फलियांझड़ गईं है। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते कई गांवों में ओले गिरे। कुछ खेतों में पहले से कटाई कर रखी फसल तेज आंधी के कारण उड़कर इधर-उधर फैल गई, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। जहां एक ओर तैयार फसल खराब हुई, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा।

रामकृष्ण छींपा ने बताया कि इस समय फसल कटाई का दौर चल रहा है, ऐसे में हुई बारिश और ओलावृष्टि से जहां फसले खेतों में कटी या पकी हुई है वहा किसानों को नुकसान हुआ है। दूसरी ओर शहर के मुख्य बाजार, शिव मार्केट, बोडिया कुआं और सब्जी मंडी सहित कई निचले इलाकों में बरसाती पानी भर गया। जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया और लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश और आंधी के चलते दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। सड़कों पर पानी भरने के कारण यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम से जहां किसानों की चिंता बढ़ी है, वहीं आमजन को भी गर्मी से राहत के साथ परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान का आंकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया और लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश और आंधी के चलते दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। सड़कों पर पानी भरने के कारण यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम से जहां किसानों की चिंता बढ़ी है, वहीं आमजन को भी गर्मी से राहत के साथ परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान का आंकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।