
चूरू. चैत्र मास जाते जाते अंचल में चली तेज आंधियां, ओलावृष्टि और बारिश से कई जगहों पर खेतों में पकी और कटी फसलों को नुकसान हुआ है। मंगलवार को दिनभर कभी हवाओं के झोंके, सूंटे के साथ बारिश और हुई ओलावृष्टि से किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गत दिवस हुई बारिश के बाद बुधवार को जिला पश्चिमी विक्षोभ की जद में रहा। सुबह मौसम थोड़ा खुला और धूप भी खिली लेकिन दिन के प्रथम प्रहर के बाद आसमान में फिर बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। मौसम केंद्र के अनुसार जिले में सुबह 8.30 तक तारानगर में सर्वाधिक 20 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चूरू की एक पट्टी में हुई गेंहू की फसल खराब
जानकारी के अनुसार चूरू के रतननगर क्षेत्र की एक पट्टी सहित तारानगर, सिद्धमुख और रतनगढ़ क्षेत्र में चली तुफानी हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश के कारण रबी सीजन में गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित हुई। हालांकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में चने और सरसों की फसल की करीब करीब कटाई कार्य पूर्ण हो गया तो कई गांवों में कटाई अंतिम दौर में चल रही थी लेकिन गेंहू की कटाई का दौर शुरुआती रहा जिससे कूप कृषि क्षेत्र में गेंहूं की फसल ज्यादा प्रभावित हुई। चूरू के निकट रतननगर, ढ़ाणी लालसिंह पुरा, ढाणी डीएसपुरा से लेकर सहनाली, मोलीसर क्षेत्र में गेंहू की फसल को नुकसान पहुंचा। तारानगर क्षेत्र में फसलों की कटाई का कार्य करीब करीब पूर्ण होने की ओर रहा। जिन किसानों ने पहले फसलों की कटाई कर सुरक्षित कर लिया और खेत में बारिश हो गई वहां की खेती को लाभ में रही। क्योंकि किसानों का मानना है चैत्र माह में जहां अच्छी बारिश हुई है वहां जायद की फसलें ली जा सकती है।
जिले में हुई बारिश
अंचल में मंगलवार को दिन में और फिर रात को हुई बूंदाबांदी के बाद दूसरे दिन हालांकि मौसम खुला लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। एक अप्रैल को सुबह 8.30 बजे तक तारानग में 20, रतनगढ़ में 10 तथा सिधमुख में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजगढ़ में 5 मिमी., सरदारशहर में 3 मिमी. चूरू (Churu), राजलदेसर में 2-2 मिमी तथा सुजानगढ़ में 1 मिमी. बारिश हुई।
मौसम अपडेट
मौसम केंद्र के अनुसार 2 अप्रेल का दोपहर बाद बीकानेर संभाग (Bikaner Division) के जिलों तथा आसपास के क्षेत्र में आंधी बारिश की गतिविधियों में पुन: बढ़ोतरी की संभावना रहेगी। इसी क्रम में केंद्र की ओर से दी गई विशेष कृषि मौसम सलाह में कहा गया है कि पक कर तैयार और कटी हुई फसलों का सुरक्षित स्थान पर भण्डार करें ताकि फसलों की भीगने से बचाया जा सकें।
सुजानगढ़. बुधवार को दिनभर आकाश में घने काले बादल छाए रहे। वहीं, मंगलवार को बूंदाबांदी हुई और तेज हवाएं चली। बूंदाबांदी से फसलो को नुकसान हुआ। सुजानगढ़ क्रय-विक्रम सहकारी समिति चयरमैन नरपत गोदारा ने बताया कि बूंदाबांदी से ईसबगोल की फसल खराब हुई है जबकि गेहूं के दानों की चमक फीकी पड़ जाने से भावों पर असर पड़ेगा।
Published on:
02 Apr 2026 12:08 pm
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