गांव भरपालसर की रोही में मौजूद खेत में बोई गई अफीम की फसल को नारकोटिक्स विभाग की टीम ने नमूने लेकर नष्ट कर दिया है। वहीं आरोपी भरपालसर निवासी बनवारीलाल जाट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
चूरू. एक किसान कर्ज के बोझ तले दबा था, देनदार लगातार कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे थे। इसकी चिंता में किसान ने कर्ज चुकाने की योजना बनाई। मध्यप्रदेश से अफीम के बीज लाया। यू-ट्यूब से अफीम की खेती करने का तरीका सीखा। इसके बाद खेत में सरसों की फसल की आड़ में अफीम की बीजाई की। तीन महीने के बाद फसल पक कर तैयार हुई तो उसकी योजना पर मजदूरों ने पानी फेर दिया। मामला जिले के रतनगढ़ उपखंड इलाके के गांव भरपालसर का है।
जहां पर रोही में मौजूद खेत में बोई गई अफीम की फसल को नारकोटिक्स विभाग की टीम ने नमूने लेकर नष्ट कर दिया है। वहीं आरोपी भरपालसर निवासी बनवारीलाल जाट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बनवारीलाल पर कर्जा हो गया था। कर्जा चुकाने के लिए उसने यू-ट्यूब से सीखकर खेत में सरसों की फसल की आड़ में अफीम की फसल बोई थी। फसल पकने पर डोडी पर कट लगाने के लिए एमपी से प्रशिक्षित मजदूर बुलाए थे। यहीं से यह मामला एमपी के नारकोटिक्स विभाग के संज्ञान में आ गया।
एमपी से लाया था अफीम के बीज
बनवारीलाल ने पूछताछ में बताया है कि करीब तीन माह पूर्व वह मध्य प्रदेश से अफीम के बीज लाया था। बाद में उसने यू ट्यूब से सीखकर अफीम की खेती की। इसके पीछे वजह यह थी कि उस पर कर्जा हो गया था। वह अफीम की खेती से पैसा कमाकर कर्जा चुकाना चाह रहा था। अफीम के डोडी आ गई थी,लेकिन उन पर कट लगाकर दूध एकत्र करना उसे नहीं आया। ऐसे में उसने कट लगाकर अफीम का दूध निकालने के लिए मध्यप्रदेश से मजदूर बुलाए थे।
तीस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची
मजदूरों से सुराग मिलने पर केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की तीन टीमों के तीस अधिकारी व कार्मिक मौके सोमवार को ही मौके पर आ गए। उन्होंने मजदूरों को तो भेज दिया और खेत मालिक को धर दबोचा। खेत मालिक बनवारीलाल ने पूछताछ में सब सच बता दिया। कुल 1760 वर्ग मीटर में यह फसल लगाई हुई पाई गई। इस कार्रवाई में केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के चित्तौड़गढ़ अधीक्षक सी प्रसाद, जयपुर अधीक्षक सुधीर यादव, सीआई सत्येन्द्र यादव, सीआई देवेश दवे, सीआई अमन फोगाट, सीआई प्रशान्त दहिया, सीआई रंदेश शुक्ला, एसआई समरथ गनावा सहित पांच उप निरीक्षक, 11 हवलदार, पांच चालक मिलाकर तीस जनों की टीम थी। आरोपी के विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्यायाधीश के समक्ष लिए गए नमूने
कार्रवाई मध्य प्रदेश में नारकोटिक्स विभाग के कमिश्नर डा.संजय मीणा की सूचना पर की गई। टीमें सोमवार को ही खेत में पहुंच गई थी, लेकिन मौका मजिस्ट्रेट की नियुक्ति नहीं होने के कारण आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकी। मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कन्हैयालाल पारीक मौके पर पहुंचे। उनके सामने उक्त फसल के नमूने सील किए गए। इसके बाद अफीम की फसल को वहां से उखाड़ा गया और मौका मजिस्ट्रेट के सामने ही नष्ट किया गया। नारकोटिक्स विभाग के सीआई प्रशान्त दहिया को मामले की जांच दी गई है।