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चूरू मंडी में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ : 10 हजार घूस लेते सचिव और कैशियर को ACB ने किया गिरफ्तार

चूरू कृषि उपज मंडी समिति में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। फर्म को जारी नोटिस फाइल करने के बदले 20 हजार रुपए की मांग करने वाले सचिव और सुपरवाइजर-कम-कैशियर को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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चूरू

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Kamal Mishra

Jul 07, 2026

Churu ACB Action

Churu ACB Action: गिरफ्तार आरोपी (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

चूरू। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चूरू कृषि उपज मंडी समिति में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने कृषि उपज मंडी समिति के सचिव डॉ. विकेन्द्र कुमार और सुपरवाइजर-कम-कैशियर कमल कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। कार्रवाई के बाद मंडी समिति परिसर में हड़कंप मच गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी चूरू को एक परिवादी की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसकी फर्म को जारी नोटिस को फाइल करने के बदले मंडी समिति के सचिव और सुपरवाइजर-कम-कैशियर 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। परिवादी ने बताया कि वर्ष 2019-20 और 2021 की रोकड़ बही तथा हिसाब-किताब के बिल प्रस्तुत करने के लिए उसे नोटिस जारी किया गया था और इस नोटिस को फाइल करने की एवज में लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत नहीं देने पर उसे परेशान किया जा रहा था।

ऐसे बनी ट्रैप की योजना

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे घटनाक्रम का सत्यापन कराया। बीकानेर एसीबी के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरवीजन में चूरू एसीबी चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।

यह वीडियो भी देखें :

पैसा हांथ में पकड़ते ही दबोचे गए

योजना के तहत परिवादी को रिश्वत की राशि लेकर आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही दोनों अधिकारियों ने 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान मंडी समिति में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई।

आरोपियों से की जा रही पूछताछ

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह की अवैध वसूली की है या नहीं।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

पूरे अभियान की निगरानी एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में की जा रही है। ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिश्वत मांगने पर यहां करें शिकायत

एसीबी ने आमजन से भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। ब्यूरो ने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।