चूरू

दुल्हन बनने से पहले दी एमए फाइनल की परीक्षा

एक बेटी ने शुक्रवार को दुल्हन बनने से पहले एमए फाइनल की परीक्षा

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Apr 27, 2018
churu photo

साहवा. बेटी पढ़ाओ का नारा सार्थक करने की कड़ी में साहवा की एक बेटी ने शुक्रवार को दुल्हन बनने से पहले एमए फाइनल की परीक्षा देकर नारे को सार्थक किया। साहवा के निजी महाविद्यालय में शाम की पारी में हिन्दी विषय के एमए फाइनल की परीक्षा देने आई दुर्गा गुरड़ा का महाविद्यालय के निदेशक अशोक सहारण व संचालन मण्डल के सदस्यों ने तिलक लगा कर स्वागत किया। दुर्गा गुरड़ा की शुक्रवार रात शादी निश्चित होने के बावजूद शुक्रवार दोपहर की पारी में महाविद्यालय में परीक्षा दी।

सहारण ने बताया कि लड़की ने शादी के साथ-साथ शिक्षा को भी बराबर महत्व देकर मिसाल पेश की है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. भारत ,व्यवस्थापक बनवारी लाल तिवाड़ी, वीक्षक महावीर प्रासद कस्वां, किशन सोकरोत ने दुर्गा व उनके पिता लीलाधर गुरड़ा को साधुवाद दिया।

सरदारशहर. वार्ड 5 निवासी श्यामलाल सारस्वत ने पड़ौसी की बिटिया पूजा सैनी को घोड़ी पर बैठाकर बंदौरी निकाली। बीए पास पूजा के पिता महा वीरप्रसाद सैनी के चाय की दुकान है। इस अवसर पर रोहित शर्मा, चान्दरतन सैनी, श्याम सैनी, सुभाष व रामवतार आदि
उपस्थित थे।
सांडवा. गांव में बेटी को घोड़ी पर बैठा कर बंदौरी निकाली गई। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान हो या फिर शिक्षा के स्तर में बेटियों की भागीदारी हो गांव बेटियों के मान-सम्मान में हमेशा आगे रहा है। गांव के शैतानाराम मेघवाल ने अपनी बेटी राजल मेघवाल की बिंदौरी निकाली। इसमें तमाम रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने भाग लिया। शैतानाराम मेघवाल ने बताया कि उन्होंने कभी अपने बेटे औऱ बेटी में अंतर नहीं किया। उन्हें अपनी बेटी ममता पर गर्व है।

सालासर. निकटवर्ती गांव खुड़ी में बेटी को घोड़ी व रथ पर बैठाकर बंदौरी निकाली। इस मौके पर लोगों ने फूल वर्षा करके बेटी का स्वागत किया। लड़की के पिता छगनलाल ने बताया कि बेटियां किसी से कम नहीं है। इस मौके पर लालचंद ढाका, प्रदीप ढाका, मुकेश हेचरा, विजयपाल, राजू जाट मौजूद थे।

Published on:
27 Apr 2018 10:55 pm
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