चूरू

डेढ़ दशक बाद उसी स्टाइल में राजस्थान के इस न्यायालय में फिर चली अंधाधुंध गोलियां, कस्बे में दहशत

सादुलपुर न्यायालय परिसर डेढ़ दसक बाद बुधवार को एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा
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Updated: 17 Jan 2018, 11:05 PM IST
ajay  jaitpura
ajay jaitpura

चूरू/सादुलपुर.

सादुलपुर न्यायालय परिसर डेढ़ दसक बाद बुधवार को एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा। करीब डेढ़ बजे मुंसिफ मजिस्टे्रट अदालत में फिल्मी स्टाइल में चली गोलियों से कोर्ट परिसर में दहशत फैल गई। फायरिंग में हार्डकोर अपराधी अजय कुमार जैतपुरा की मौत हो गई। इस दौरान मुंंसिफ मजिस्ट्रेट का पद रिक्त होने के कारण न्यायालय में अधिवक्ता व पक्षकार कम थे। अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। गौरतलब है कि वर्ष २००० में भी न्यायालय में इसी इस्टाइल में गोली चली थी। उस समय बदमाशों ने सुमेर फगेडिय़ा को गोली मारकर न्यायालय परिसर से उठाकर ले गए थे।

12 दिन पहले जमानत पर आया था बाहर

अजय जैतपुरा को विभिन्न मामलों में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस पर हमला करने व मारपीट के आरोप में न्यायालय ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसी पांच जनवरी को जोधपुर उच्च न्यायालय से जमानत मिलने पर जेल से बाहर आया था।


गैंग में हुई अनबन बनी मौत का कारण

एसपी राहुल बारहट ने बताया कि अजय कुमार जैतपुरा हरियाणा में किसी जाट गैंग का सदस्य था। गैंग सदस्यों के साथ उसकी किसी बात को लेकर पहले अनबन हो गई थी। इसके चलते गैंग के सदस्यों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। घटना में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हंै। एक टीम आरोपितों के पीछे लगी है। मामले में पुलिस शीघ्र ही आरोपितों को गिरफ्तार करेगी।


इन थानों में जैतपुरा के खिलाफ मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार हमीरवास, सादुलपुर, झुझुनूं कोतवाली, पिलानी, सदर थाना झुंझुनूं, व्यास कॉलोनी बीकानेर , तारानगर, मंडे्रला, रतनगढ़ व लुहारू सहित अनेक पुलिस थाना में मारपीट, लूट, अपहरण, चोरी, हत्या का प्रयास, आम्र्स एक्ट, हत्या, राजकार्य में बाधा, लूट व डकैती के मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या के दो, हत्या के प्रयास के नौ, आम्र्स एक्ट के छह, शराब तस्करी का एक, लूट व चोरी के आठ और अपहरण के दो मामले दर्ज है।

कोर्ट परिसर खाली करवाया


घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका निरीक्षण किया। उसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से न्यायालय परिसर को खाली करवाकर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। सूचना पर पहुंचे एसपी राहुल बारहट ने भी घटना स्थल का मौका निरीक्षण किया।

वकीलों ने जताया रोष

घटना के बाद वकीलों ने रोष जताते हुए एसपी से मिलकर न्यायालय परिसर में पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस चौकी भी स्थापित करने की मांग की है। एडवोकेट प्रीतम शर्मा व राकेश पूनिया ने बताया कि नवंबर माह में भी पुलिस चौकी की स्थापना की मांग की गई थी। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस


घटना के बाद पुलिस न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। थानाधिकारी भगवानसहाय मीणा ने हिसार पहुंचकर घायल के पर्चा बयान भी लिए हैं। वहीं पुलिस ने घटना के बाद नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच करने के साथ-साथ हरियाणा सीमा पर गश्त को बढ़ाने की कार्रवाई की है। इसके अलावा हरियाणा पुलिस के सहयोग से हमलावरों को गिरफ्तार करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

अस्पताल को बनाया छावनी

हिसार अस्पताल से सादुलपुर के राजकीय रैफरल अस्पताल में शव आने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से शव को ड्रेसिंग कक्ष में रखवा दिया गया है। वहीं अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी का रूप दे दिया गया है। इसके अलावा मिनी सचिवालय परिसर में भी भारी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।

Updated on:
17 Jan 2018, 11:05 PM IST
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