पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व विधायक राजेन्द्र राठौड़ सोमवार शाम करीब चार बजे शहीद किशनसिंह राजपूत के घर भींचरी पहुंचकर पत्नी व परिजनों को सांत्वना दी
चूरू.
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व विधायक राजेन्द्र राठौड़ सोमवार शाम करीब चार बजे शहीद किशनसिंह राजपूत के घर भींचरी पहुंचकर पत्नी व परिजनों को सांत्वना दी। राजे ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शहीद वीरांगना संतोष कंवर से मुलाकात की। संतोष कंवर चमक कर उठी और बोली कि बाबू के पापा आ गए क्या? राजे ने प्रत्युत्तर दिया हां वो भी आ गए मैं भी आ गई। वीरांगना संतोष कंवर वापस बोली क्या आपां सीकर में मकान बणास्यां, तो जवाब में वसुंधरा राजे ने कहा कि हां बिल्कुल बनाएंगे। इसके बाद संतोष कंवर फिर बेहोश हो गई।
राजे ने शहीद की मां मोहन कंवर से भी मुलाकात की। इसके बाद शहीद की बहनों से मिली और पूरे परिवार को ढाढ़स बंधाया। राजे ने कहा कि आपके बेटे ने पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। राजे ने सन्तोष कंवर का उपचार कर रहे चिकित्सकों को वीरांगना का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। इस दौरान विधायक अभिनेष महर्षि, पूर्व विधायक खेमाराम, पार्षद राकेश जांगिड आदि मौजूद थे।
शहीद किशनसिंह के सम्मान में राजलदेसर में उमड़े युवा
राजलदेसर. एनएच ग्यारह पर शहीद किशनसिंह के पार्थिव देह के सम्मान में युवा उमड़े। शहीद का शव बीकानेर से उनके गांव भींचरी ले जाया जा रहा था। इस दौरान युवाओं ने शहीद के सम्मान में पुष्प वर्षा की। युवाओं ने गगनभेदी से नारों से क्षेत्रको गुंजायमान कर दिया। युवाओं ने उनके सम्मान में पुष्प वर्षा भी की। इस मौके पर सरपंच दातारसिंह, गजेन्द्रसिंह आबड़सर, विक्रम शर्मा, पं. देवकीनन्दन दाधीच, पालिकाध्यक्ष गोपाल नाई आदि मौजूद थे। इधर गांव परसनेऊ स्थिम मरूधर शिक्षा निकेतन उमावि में शहीद किशनसिंह श्रद्धाजंलि दी गई।
शाला निदेशक मदनलाल घ्ंिाटाला ने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखा। गांव परसनेऊ स्थिम मरूधर शिक्षा निकेतन उमावि में सोमवार को वीर सपूत किशनसिंह के शहीद होने पर श्रद्धाजंलि सभा आयोजित की गई। संस्था निदेशक मदनलाल घ्ंिाटाला ने कहा कि किशनसिंह की वीरता से यह क्षेत्र गौरवानित हुआ है।