चूरू

OMG : ट्रेन में चलते हैं राजस्थान के ये दो सरकारी स्कूल, बच्चों को आती है यात्रियों जैसी फिलिंग!

Train School Rajasthan : https://www.patrika.com/churu-news/
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Updated: 9 Jul 2018, 6:47 PM IST
train school
train school in katar churu

हरिराम कस्वा/कातर.
हर दिन स्कूल आना और आकर रेल में सफर का अहसास करना हो तो चले आएं राजस्थान के चूरू जिले के गांव कातर में। यहां के बच्चे रेल का बखूबी आनंद ले रहे हैं। वैसे यह कोई ट्रेन नहीं बल्कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। इस पर रंग-रौगन करके इसे रेलगाड़ी की तरह बनाया गया है, जो बच्चों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है।


कुछ ऐसा ही अनुकरणीय कार्य किया है प्रधनाचार्य चरणङ्क्षसह घोटड़ ने। घोटड़ इसी वर्ष स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। उन्होंने दानदाताओं के सहयोग से स्कूल के 12 कमरों को रेलगाड़ी का लुक दिया है। इसे देख बच्चे स्कूल की ओर आकर्षित होने लगे हैं। अब कस्बे के नौनिहाल ये कहते नजर आ रहे हैं कि हम तो रेलगाड़ी वाली स्कूल में पढ़ाई करेंगे।

बहुत कम थी छात्र संख्या
कातर के इस विद्यालय में छात्र संख्या बहुत कम थी। बच्चों को निजी स्कूलों में भेजा रहा था। इस परिस्थिति को बदलने के लिए प्रधानाचार्य घोटड़ ने भामाशाहों की बैठक ली। उनके सहयोग से बाहर से अनुभवी कलाकार बुलाए। विद्यालय भवन के 12 कमरों को ऐसा लुक दिया कि पूरी स्कूल रेलगाड़ी की तरह नजर आने लगी। प्रति सप्ताह 10-15 विद्यार्थी हर सप्ताह विद्यालय में नामांकन करवा रहे हैं।


कमरों के आगे बनाई डिजाइन
कमरों के आगे विभिन्न डिजाइन बनाकर उसके ऊपर शिक्षा एक्सप्रेस लिखकर हर कमरे का अलग-अलग नाम दिया है। बच्चे इसे देखकर प्रभावित हुए एवं स्कूल में दिन प्रतिदिन छात्र संख्या बढऩे लगी। इसके साथ प्रधानाचार्य हर समय स्टाफ को साथ लेकर स्कूल की साफ-सफाई के काम सहित पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं।


इनका कहना है
मेरे मन में कुछ नया करने की रहती है। रंगरोगन कर रेलगाड़ी का लुक दिया तो बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। मुझे स्कूल ज्वाइन किए कुछसमय हुआ है। आने वाले समय में जनसहयोग से ग्राउंड में प्लेटफार्म बनाने की इच्छा है।
चरणसिंह घोटड़, प्रधानाचार्य, राजकीय सीसै स्कूल, कातर छोटी

कातर क्षेत्र में निजी स्कूलों का दबदबा है। संचालक एक-एक बच्चे के लिए संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने में लगे हैं। वर्षों से सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या में कमी आ रही थी। लेकिन इस बार कातर की सरकारी स्कूल में छात्र संख्या तेजी से बढ़ रही है।
रतिराम, ग्रामीण, कातर छोटी

अलवर में भी है ऐसा स्कूल
पहली नजर में किसी प्लेटफार्म पर खड़ी टे्रन की तरह दिखाई देने वाला कातर के सरकारी स्कूल जैसा ही एक ही राजस्थान के अलवर मिले में है। इस स्कूल का नाम राजकीय माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन अलवर है। हालांकि स्कूल से रेलवे स्टेशन की दूरी काफी है। खास बात यह है कि इस स्कूल में कक्षाएं टे्रन की बोगी और संस्था प्रधान का कक्ष ट्रेन के इंजन जैसा है।

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