
सुजानगढ़. शहर के राजकीय अस्पताल में एक बच्चे को लगाया गया कैनुला बार-बार आउट होने को लेकर नर्सेज स्टाफ के साथ गुरुवार को हुए दुव्र्यवहार को लेकर शुक्रवार सुबह आठ से 10 बजे तक दो घंटे तक चिकित्सकों व अन्य चिकित्साकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर आक्रोश जताया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कार्मिकों ने धरना भी दिया। धरनार्थियों को डाक्टरों के अलावा संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश गौड़, नर्सेज एसोसिएशन नेता महेश ओझा, राजस्थान नर्सेज यूनियन के जिलाध्यक्ष बजरंगलाल वर्मा, रेडियोग्राफर संघ के जिलाध्यक्ष राजवीर ने संबोधित कर कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। नर्सिंग अधीक्षक छोटूराम, रमेशचंद, मनोहर सोनी, नारायणप्रसाद नाई, प्रकाश पारीक सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने स्टाफ सदस्य विजयकुमार कस्वा के साथ मारपीट करने की निंदा की। कार्मिकों ने घटना की एफआईआर दर्ज न किए जाने पर भी रोष जताया। कार्य बहिष्कार के बद पीएमओ डा. महेश वर्मा ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।जिस पर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया।
ये था मामला
25 अप्रेल को सुबह वार्ड 22 निवासी जावेद के 10 माह के बच्चे वाहीद को दस्त लगने के कारण डा. श्यामलाल माहीच को दिखाकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां नर्सिंगकर्मी विजयकुमार कस्वा ने बच्चे को कैनुला लगाने के लिए चार-पांच बार प्रयास किए। मगर बार-बार कैनुला आउट होता रहा। पतली सुई चुभने की पीड़ा से बच्चे के चिल्लाने से परिजन क्रोधित हो गए और आपस में कहासुनी हो गई। विजयकुमार के अनुसार परिजनों ने गाली-गलौच की ओर गार्ड राजूराम के साथ मारपीट की। नाराज नर्सिंग कार्मिकों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, हंगामा करने व मारपीट की शिकायत पुलिस थाने में भेजी। मगर एफआईआर दर्ज नहीं की अपितु एक जने को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। उधर, 10 माह के बच्चे की दादी मुन्नी पत्नी अब्दुल गफ्फार व मां आमीना ने बताया कि भर्ती के बाद कम्पाउडर ने लापरवाही से कैनुला लगाया। इससे कैनुला पांच बार आउट हो गया। बच्चा पैर व हाथ में दर्द होने से चिल्लाता रहा। मां व दादी ने कम्पाउडर से डाक्टर को बुलाने के लिए कहा। मगर उसने नहीं बुलाया। तब परिजन तीन बार डाक्टर माहीच के पास गए। मगर उन्होंने भी अनसुनी कर दी। तब परिजनों व स्टाफ में कहासुनी हो गई।