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28 घंटे में बयान से मुकरी महिला, आरोपियों की जमानत

बीदासर के वार्ड पांच में एक महिला के साथ मारपीट, प्रताडि़त करने व निर्वस्त्र करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की सोमवार को जमानत हो गई। घटना के 28 घंटे बाद ही पीडि़ता अपने बयान से मुकर गई और कोर्ट में पेश होकर परिजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का शपथ पत्र दे दिया।
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May 14, 2019
churu news
28 घंटे में बयान से मुकरी महिला, आरोपियों की जमानत

सुजानगढ़/बीदसर. बीदासर के वार्ड पांच में एक महिला के साथ मारपीट, प्रताडि़त करने व निर्वस्त्र करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की सोमवार को जमानत हो गई। घटना के 28 घंटे बाद ही पीडि़ता अपने बयान से मुकर गई और कोर्ट में पेश होकर परिजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का शपथ पत्र दे दिया। इससे दोनों पक्षों का राजीनामा हो गया। आरोपियों की तरफ से वकील हरीश कुलडिय़ा ने बताया कि पीडि़त महिला ने खुद कोर्ट में पेश होकर शपथ पत्र दिया कि रविवार को घटना के बाद उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाने से गुस्से में आकर उसने ऐसा कदम उठाया तथा सास, जेठ, जेठानी व देवर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। अब वह उनके साथ रहना चाहती है और किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती। इस पर दोनों पक्षों का राजीनामा हो गया। इसके आधार पर सिविल एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट विनय कुमार सोलंकी ने आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं सहायक लोक अभियोजक गोर्धन लाल सेवदा ने बताया निर्वस्त्र महिला का वीडियो वायरल करने के आरोपी वार्ड छह निवासी भवानी शंकर उर्फ शंकर नाई को जेल भेज दिया गया। इससे पहले रविवार देर रात गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने सुजानगढ़ कोर्ट में पेश किया था। जहां से न्यायाधीश ने आरोपी महिला की जेठानी सुनीता, जेठ संपत, सास विमला व देवर शंकर व वीडियो वायरल करने के आरोपी भवानी शंकर को जेल भेज दिया था।

पुलिस पर नहीं हुई कार्रवाई
लोगों के मुताबिक महिला जब मोहल्ले से निकली थी तभी पुलिस को सूचित कर दिया गया था। इसके अलावा महिला की एक दूसरी जेठानी ने भी थाने पहुंचकर पुलिस को निर्वस्त्र करने की सूचना दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में क्षेत्र के लोगों ने आईजी को फोन किया। आईजी ने जिला पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के आदेश के बाद स्थानीय थाने की पुलिस सक्रिय हुई। तब तक पीडि़ता निर्वस्त्र अवस्था में थाने के पास आकर बैठ गई थी। बाद में उसे बेडशीट ओढ़ाई गई। इधर, इस मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने के आने के बाद भी बीदासर थाने के पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार का कहना है कि पुलिस की कहीं पर कोई गलती नहीं है। सूचना मिलते ही पुलिस को भेज दिया गया था। पुलिस उसे कपड़े से ढककर थाने ले आई। मामले में पांच आरोपियों को जेल भिजवा दिया गया था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

यह था मामला
गौरतलब है कि वार्ड पांच में रविवार सुबह महिला की जेठानी व सास ने महिला से जमकर मारपीट की और बाद में कपड़े फाड़ दिए। महिला को इतना जलील किया कि महिला निर्वस्त्र अवस्था में थाने जाने के लिए मजबूर हो गई। घर से सुबह साढ़़े आठ बजे निकली और सवा नौ बजे थाने पहुंच गई लेकिन शिकायत पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला के थाने के पास पहुंचने पर बेडशीट से उसके तन को ढका गया और बाद में थाने के अंदर ले जाया गया। पीडि़ता की रिपोर्ट पर सास, जेठ, जेठानी व देवर के खिलाफ प्रताडि़त करने व निर्वस्त्र अवस्था में घर से निकलने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था।

Updated on:
14 May 2019 01:36 pm
Published on:
14 May 2019 01:36 pm