पार्क में केवल एक ट्यूबवैल है, वह भी शायद ही काम में लिया जाता है। पेड़ पौधों को तो दूर यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
चूरू. शहर का सबसे पुराने इंद्रमणी पार्क के वर्तमान में दयनीय हालात बन रहे हैं। एक ओर यहां लगाए गए पौधों को पानी नहीं मिल रहा है तो दूसरी ओर लचर हुए सफाई व्यवस्था के कारण जगह जगह कुड़े करकट के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय धर्म स्तूप के निकट शहर की शोभा इंद्रमणी पार्क (Indramani Park) कभी हरियाली से गुलजार हुआ करता था, लेकिन अब इसकी रंगत रुखेपन जैसी बन रही है। हालांकि महंदी, करंज, कनैर आदि के पौधे लगे हैं, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण सूखते नजर आ रहे हैं। फुलवारी तो यहां नाम मात्र की भी नहीं है, लेकिन बड़े पौधे खड़े हैं जो पानी के लिए तरस रहे हैं।
पार्क में नियमित रूप से घूमने के लिए आने वाले जगदीश गुर्जर, महावीर प्रसाद पापटान, हनीफ खान, नाहरसिंह मीणा, राधेश्याम आदि ने बताया कि पहले पौधों में पानी दिया जाता था तो साफ सफाई भी की जाती रही है, लेकिन अब इसकी हालत ही खस्ता हो गई है। पार्क में केवल एक ट्यूबवैल है, वह भी शायद ही काम में लिया जाता है। पेड़ पौधों को तो दूर यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
कर्मचारी आते ही नहीं
नगर परिषद (Nagar Parishad Churu) के अनुसार पार्क की देख रेख का जिम्मा एक स्वयं सहायता समूह को दिया है जिसके माध्यम से सुरक्षा गार्ड सहित 5 कर्मचारी नियुक्त हैं। संवेदक संस्था के प्रतिनिधि जिनको कभी यहां देखा गया भी नहीं है। पौधों की देख रेख, पानी आदि देने के लिए कर्मचारी है और एक बेलदार भी लगाया हुआ है। लोगों का कहना है नगर परिषद ने कभी इसकी सुध नहीं ली जिसके कारण पार्क का स्वरूप बदरंग होता जा रहा है।
इनका कहना है
सामाजिक कार्यकर्ता चुन्नीलाल सैनी ने बताया कि पार्क में एक ओर पानी नहीं है, तो दूसरी ओर सफाई व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। दूब के प्लांट सूख रहे हैं, पार्क में बने फुटपाथ और चारों ओर कचरा बिखर रहा है। नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी से पार्क की हालत दयनीय होती जा रही है। नगर परिषद को पार्क में ट्यूबवैल बनाने, पौधों में नियमित पानी देने और इसकी नियमित सार संभाल करनी चाहिए।