नई दिल्ली

कथक नृत्यांगना शोभना नारायण सुजानगढ़ में कथक करेंगी शोध

पद्म श्री विभूषित कथक नृत्यांगना शोभना नारायण ने बुधवार को सुजानगढ़ पहुंचकर यहां की कथक कला के बारे में जानकारी ली।

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पद्म श्री विभूषित कथक नृत्यांगना शोभना नारायण ने बुधवार को सुजानगढ़ पहुंचकर यहां की कथक कला के बारे में जानकारी ली। ख्यातनाम कथक नर्तक रहे मदन महाराज के गांव लोढ़सर पहुंचकर उनके परिवार, कथक कला की शुरुआत, विकास और विश्व में विस्तार के अलावा इस कला के विकास की संभावनों के बारे में जानकारी ली।

नृत्यांगना शोभना देशभर में घूमकर कथक कला पर एक डॉक्यूमेंट्री तैयार कर रही हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने यहां रामेश्वर भाटी से कथक के प्रचलन, शुरुआत, प्रभाव, घराने से जुड़ाव, नामचीन प्रतिभाओं व प्राचीन कथक गुरुओं, विभिन्न वाद्य यंत्रों, विशेष अवसर पर विशेष वाद्य यंत्रों के उपयोग आदि के बारे में जानकारी ली।

भाटी ने उन्हें गांव गोपालपुरा, बडावर, कनवारी, चाड़वास, सुजानगढ़, लोढ़सर क्षेत्रों से जुड़े कथक कलाकारों की पृष्ठभूमि के बारे में बताया। भाटी की ओर से दी गई जानकारी को पदमश्री शोभना के साथ आई सहयोगी सेवानिवृत आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) गीतिका काला व शिष्या बीनू राजपूत में रिकॉर्ड कर फिल्माया। इसके बाद सभी लोढ़सर गांव स्थित कथक नर्तक रहे मदन महाराज के घर पहुंचे। इससे पहले दिखनादा बाजार स्थित एक होटल में एसडीएम अजय आर्य, पूर्व विधायक रामेश्वर भाटी, यंग्स क्लब के सचिव महावीर मीरणका, मरुदेश संस्थान अध्यक्ष डा. घनश्यामनाथ कच्छावा, ओमप्रकाश लाहोटी, विनोद सेन, ब्रह्मप्रकाश लाहोटी ने शोवना नारायण का स्वागत किया। मीरणका ने क्लब की स्मारिका भेंट की। कच्छावा ने 'मेरी 51 लघु कथाएं' कहानी संग्रह भेंट किया।इस मौके पर तहसीलदार सुशील कुमार सैनी भी मौजूद थे।

Published on:
02 Feb 2017 12:01 pm
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