वार्ड में स्थित प्रतिमा करीब साढे सात फिट की है, सीकर के बंगाली कारीगरों को इसे करने में करीब 21 दिन का समय लगा है, जो कि सफेद व काले तिल से बनाई गई है। माता का श्रृंगार भी काले व सफेद तिलों से किया गया है।
चूरू. नवरात्रा महोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह पांडाल सजे हुए हैं, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। शहर में भी करीब दो दर्जन से अधिक स्थानों पर दुर्गा पूजा चल रही है। लेकिन वार्ड 48 स्थित पूजा कुछ अलग हटकर है, बूटियां रोड पीपल गट्टे के पास स्थित प्रतिमा विशेष तौर पर काले व सफेद तिल से बनी हुई, जो कि शहरवासियों ही नहीं यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।
आकर्षण का केन्द्र बनी
दोनों समय आरती के अलावा शाम को विशेष झांकियां भी सजाई जाती है। नव दुर्गा भक्त मंडल के पदाधिकारियों का दावा है कि करीब पांच किलो सफेद व काले तिलों से निर्मित माता की प्रदेश की एकमात्र प्रतिमा है।मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले 14 साल से आयोजन हो रहा है। हर साल कुछ नया करने की इच्छा रहती है। इसी क्रम में पिछले साल सिक्कों व उससे पहले ड्राय फ्रूट से प्रतिमा बनवाई गई थी। उन्होंने बताया कि प्रतिमा निर्माण के लिए आमजन से किसी तरह का आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाता है, सदस्यों की ओर से राशि जुटाकर प्रतिमा बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि वार्ड में स्थित प्रतिमा करीब साढे सात फिट की है, सीकर के बंगाली कारीगरों को इसे करने में करीब 21 दिन का समय लगा है, जो कि सफेद व काले तिल से बनाई गई है। माता का श्रृंगार भी काले व सफेद तिलों से किया गया है।
सादुलपुर. नाग देवता मंदिर प्रांगण में दुर्गा पूजा महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाहेमंत सरावगी ने परिवार सहित माता दुर्गा की पूजा अर्चना की व माता को चुंदडी़ ओढ़ाकर प्रसाद वितरण किया।