बच्चों में मोबाइल का क्रेज इतना बढ गया है कि इसके बिना एक मिनट भी नहीं रह सकते हैं। जिले में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है।
चूरू। बच्चों में मोबाइल का क्रेज इतना बढ गया है कि इसके बिना एक मिनट भी नहीं रह सकते हैं। जिले में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां 14 साल के एक नाबालिग ने मंगलवार को महज इसलिए विषाक्त खाकर जान देने की कोशिश की क्योंकि उसके परिजनों ने उसे गेम खेलने के लिए नया मोबाइल खरीदकर नहीं दिया। परिजन उसे लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे। समय रहते इलाज मिल जाने से उसकी जान बच गई। बुधवार को पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार मोबाइल में गेम खेलने के आदी हो चुके लड़के ने गेम के चक्कर मे अपनी 10वीं कक्षा की पढ़ाई भी छोड़ दी। पिछले चार-पांच महीने से उसे चूरू अपने ननिहाल भेजा गया था ताकि उसकी मोबाइल की लत छुड़वाई जा सके। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक 14 वर्षीय लड़का रतनगढ़ का रहने वाला है, उसके उसके माता पिता ने 6 महीने पहले चूरू उसके ननिहाल भिजवाया था।
उसके माता पिता चाहते थे कि वह ननिहाल जाने पर मोबाइल गेम की लत छोड़ देगा। लेकिन उसकी मोबाइल पर गेम खेलने की जिद्द जारी रही। नया मोबाइल दिलाने की जिद्द को लेकर मंगलवार को उसने घर में रखे एक कीटनाशी का सेवन कर लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत राजकीय भरतिया जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड लेकर पहुंचे।