छापर. एशिया में काले हिरणों की शरणस्थली के रूप में प्रसिद्ध तालछापर कृष्णमृग अभयारण्य (Tal Chhapar Sanctuary) में बुद्ध पूर्णिमा के पर हुई वार्षिक वन्यजीव गणना के बाद वन विभाग ने सोमवार को आंकड़े जारी किए। इस बार की गणना में भी वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी सामने आई है, जो अभयारण्य के अनुकूल वातावरण और बेहतर संरक्षण व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
वन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जहां काले हिरणों (Black Bucks) की संख्या 5302 थी, वहीं इस वर्ष बढ़कर 5661 हो गई है। यानी एक साल में 259 काले हिरणों की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें 2078 नर, 2799 मादा और 684 शावक शामिल हैं।
शिकारी जीवों की बात करें तो सियारों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, जो पिछले वर्ष 5 से बढकर 7 हो गई है। भेड़िये (Wolf) की संख्या हालांकि स्थिर रहते हुए 1 ही रही। गणना कार्य में वन कर्मियों ने 24 घंटे लगातार निगरानी कर अभयारण्य के चिन्हित 9 स्थानों पर ट्रांजिट लाइन, वाटर हॉल और कैमरा ट्रैप पद्धति से प्रत्यक्ष गणना की। रेंजर उमेश बागोतिया ने बताया कि अभयारण्य (Sanctuary) में अनुकूल प्राकृतिक वातावरण, पर्याप्त भोजन और विभाग की नियमित मॉनिटरिंग के कारण वन्यजीवों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। एसीएफ क्रांति सिंह ने भी इसे विभाग की सतर्कता और सुरक्षित भौगोलिक परिवेश का परिणाम बताया।
अन्य वन्यजीवों में भी बढ़ोतरी दर्ज
गणना के अनुसार चिंकारा (Chinkara), नीलगाय, जंगली सूअर, जंगली बिल्ली (Wild Cat), मरू बिल्ली (Sand cat), सामान्य लोमड़ी, मरू लोमड़ी (White footed fox), मोर, शिकारी पक्षी, सांडा और खरगोश की संख्या में भी आंशिक वृद्धि हुई है। वन्यजीव प्रेमियों (Wildlife lovers) के अनुसार तालछापर अभयारण्य (Talchhapar Sanctuary) का सुरक्षित माहौल और विभाग की सतर्क निगरानी ही इस निरंतर वृद्धि का प्रमुख कारण है।
वर्ष 2025 बनाम 2026 का तुलनात्मक आंकड़ा:
काले हिरण : 5302 - 5661
चिंकारा : 153 - 161
जंगली सूअर: 157 - 163
जंगली बिल्ली: 33 - 37
मरू बिल्ली: 45 - 46
सामान्य लोमड़ी: 50 - 51
मरू लोमड़ी: 69 - 72
भेड़िया: 01 - 01
नीलगाय: 99 - 104
सियार: 05 - 07
मोर: 237 - 246
शिकारी पक्षी: 295 - 298
सांडा: 16020 - 16803
खरगोश: 109 - 113