250 रोडवेजकर्मियों की तनख्वाह अटकी। अपनी मांगों को लेकर गत माह20 दिन तक हड़ताल पर रहे कर्मचारियों को अब बाकी 10दिन की तनख्वाह के लिए तरसना पड़ रहा है।
चूरू.
अपनी मांगों को लेकर गत माह20 दिन तक हड़ताल पर रहे कर्मचारियों को अब बाकी 10दिन की तनख्वाह के लिए तरसना पड़ रहा है। अक्टूबर महीने के 20 दिन गुजरने के बावजूद हड़ताल में शामिल नहीं हुए कर्मचारियों को भी पूरे महीने की तनख्वाह मिलने का इंतजार है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो तनख्वाह में देरी इस सप्ताह लगातार पांच दिन अवकाश रहने से हुई है। वहीं कर्मचारी वर्ग का कहना है कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की २० दिन की तनख्वाह नहीं मिलेगी। इनके साथ ड्यूटी करने वालों की तनख्वाह भी अटक गई है। आगार में कार्यरत करीब 250 में से 200 कर्मचारी गत दिनों 20 दिन हड़ताल पर रहे थे। आगार में कर्मचारियों की तनख्वाह 60 लाख रुपए बनती है। मगर इस बार करीब 200 कर्मचारियों को हड़ताल के 20 दिनों की तनख्वाह नहीं मिलेगी। मगर जो 10 दिन की मिलनी है वो भी अब तक नहीं मिली है। जिन्होंने पूरे महीने काम किया उन्हें तनख्वाह नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में जेब खाली
रोडवेजकर्मियों का कहना हैकि अब तक चने के साथ घुण पिसने वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। क्योंकि जो कर्मचारी हड़ताल पर थे।उनका वेतन कटेगा। तनख्वाह कटौती की गणना में ढिलाईकी वजह से सभी कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। फिलहाल त्योहारी सीजन में जेब खाली होने से घरेलू परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
लगातार पांच दिन अवकाश होने से तनख्वाह अटकी है। संभवतया सोमवार तक समस्या का समाधान हो जाएगा।
परमेश्वरलाल सैनी, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज, चूरू
आरयूआईडीपी की लापरवाही अब कर रही परेशान
चूरू.शहर में सीवरेज-डे्रनेज लाइन डालने के दौरान आरयूआईडीपी की ओर से बरती गई लापरवाही अब शहरवासियों को परेशान कर रही है। लाइनें डालने के बाद सही तरीके से भराव नहीं किए जाने से अब सड़कों पर गड्ढ़े हो रही हैं। इन थोथी हो चुकी सड़कों पर आए दिन वाहन धंसने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मगर अब जिम्मेदार नगर परिषद भी इनकी सुध नहीं ले रही है।